बेंगलुरु में कर्ज वसूली का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक एक महिला ने रेशमा बानू से 1 लाख रुपए और उसके जरिए नाजत से 50 हजार रुपए उधार लिए थे. आर्थिक परेशानी के कारण महिला ने ब्याज और किस्त देना बंद कर दिया था. आरोप है कि इसके बाद उसे काम दिलाने के बहाने बुलाया गया और मारपीट के बाद कथित तौर पर किडनैप कर लिया गया. पुलिस का दावा है कि महिला को एक घर में बंधक बनाकर रखा गया और उसका निर्वस्त्र वीडियो बनाया गया. वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई. पुलिस ने रेशमा, नाजत और सुहैल को गिरफ्तार किया है.
बेंगलुरु में कर्ज की वसूली का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक महिला ने करीब दो साल पहले जरूरत के वक्त 1 लाख रुपए उधार लिए थे. बाद में उसने 50 हजार रुपए और लिए. शुरुआत में किस्त और ब्याज चुकता होता रहा. फिर आर्थिक हालत बिगड़ी तो पैसे देने बंद हो गए. महिला ने एक आरोपी का नंबर भी ब्लॉक कर दिया. उसे लगा कि मामला यहीं थम जाएगा. लेकिन कहानी यहीं से खतरनाक हो गई. आरोप है कि महिला को काम दिलाने के बहाने बुलाया गया. वहां पहले से लोग मौजूद थे. कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई. चाकू से हमला किया गया. फिर उसे जबरन ऑटो में बैठाया गया. इसके बाद उसे एक दूसरी जगह ले जाकर बंधक बना लिया गया. आरोप यहीं नहीं रुके. पुलिस के मुताबिक, महिला को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया गया और पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई.
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार मामले का खुलासा तब हुआ, जब महिला अचानक लापता हो गई. उसकी मां ने चंद्रालेआउट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की तो कर्ज और वसूली का पूरा एंगल सामने आया. पुलिस के मुताबिक महिला ने रेशमा बानू से करीब 1 लाख रुपए उधार लिए थे. इसके बाद रेशमा के जरिए नाजत से 50 हजार रुपए और लिए गए थे. महिला की आर्थिक स्थिति खराब हुई तो उसने ब्याज और किस्त देना बंद कर दिया. करीब छह महीने से ब्याज नहीं दिया गया था, जबकि दो महीने से किस्त भी नहीं चुकाई थी. इसके बाद उसने रेशमा का नंबर ब्लॉक कर दिया और अपनी मां के घर चली गई. आरोप है कि इसी के बाद उसे दोबारा संपर्क कर कथित तौर पर जाल में फंसाया गया.
मारपीट के बाद ऑटो से किया गया अपहरण
- पुलिस के अनुसार नाजत ने महिला को काम दिलाने की बात कहकर अपने घर बुलाया था. आरोप है कि वहां रेशमा बानू और उसका पति सुहैल भी पहुंच गए. पुलिस का दावा है कि तीनों ने महिला के साथ मारपीट की. इसके बाद कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया. महिला को जबरन ऑटो रिक्शा में बैठाया गया और उसे कुंबलगोडु के पास एक घर में ले जाया गया. वहां उसे कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई.
- पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की तो उसे बरामद कर लिया गया. इसके बाद रेशमा बानू, नाजत और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में और कौन लोग शामिल थे. साथ ही महिला के साथ कथित तौर पर किए गए अत्याचार और बनाए गए वीडियो से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है.
कर्ज की रकम से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक महिला ने करीब दो साल पहले रेशमा बानू से 1 लाख रुपए उधार लिए थे. इसके बाद उसने रेशमा के जरिए नाजत से 50 हजार रुपए लिए. कुछ समय तक महिला भुगतान करती रही. आर्थिक परेशानी बढ़ने के बाद उसने ब्याज और किस्त देना बंद कर दिया.
नंबर ब्लॉक किया तो बढ़ा दबाव
पुलिस का कहना है कि महिला ने रेशमा का नंबर ब्लॉक कर दिया था. इसके बाद वह अपनी मां के घर रहने लगी. आरोप है कि इसी दौरान नाजत ने उसे काम दिलाने के बहाने अपने घर बुलाया. पुलिस के मुताबिक, यहीं से कथित अपहरण और मारपीट की घटना शुरू हुई.
वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप
पुलिस के अनुसार महिला को बंधक बनाने के दौरान उसका निर्वस्त्र वीडियो बनाया गया. आरोप है कि कर्ज की रकम और ब्याज नहीं चुकाने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. फिलहाल पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है. मामले में डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है.
तीन आरोपी गिरफ्तार
महिला की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और महिला को बरामद कर लिया. इसके बाद रेशमा बानू, नाजत और सुहैल को गिरफ्तार किया गया. चंद्रालेआउट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है. पुलिस अब आरोपों की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है. यह भी जांच की जा रही है कि कथित घटना के पीछे सिर्फ कर्ज वसूली थी या इसके पीछे कोई और वजह भी थी.
