अन्ना हजारे की सख्त दलबदल विरोधी कानून की मांग, आप सांसदों के भाजपा में जाने पर बोले- जनता को सोचना होगा

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने दल-बदल कानून को सख्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मतदाताओं से इस बारे में विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘मतदाता ही सर्वोपरि हैं और यह उन्हीं पर निर्भर करता है कि वे किसे वोट दें, सही व्यक्ति को या गलत व्यक्ति को।’

 

नई दिल्ली

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों के दल बदलने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोग अपने निजी स्वार्थ के आधार पर एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। इसलिए, एक सख्त दलबदल विरोधी कानून बनाया जाना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा, ‘संविधान में कहीं भी पार्टियों और पक्षों का कोई जिक्र नहीं है। संविधान हमेशा समाज और राष्ट्र के कल्याण पर ही केंद्रित रहता है। आज समाज में विवाद और टकराव राजनीतिक पार्टियों की वजह से ही बढ़ रहे हैं। लोग अपने निजी स्वार्थ के आधार पर एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। जहां उन्हें अपना फायदा दिखता है, वे वहीं चले जाते हैं। इसलिए, एक सख्त दलबदल विरोधी कानून बनाया जाना चाहिए।’

क्या बोले अन्ना हजारे
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई कानून (दलबदल विरोधी कानून) लागू हो जाता है, तो इस तरह की गलतियां नहीं होंगी। अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि सांसदों के दल बदलने पर कुछ नहीं कह सकता हूं, लेकिन जनता को सोचना होगा। अन्ना हजारे ने मतदाताओं को ‘राजा’ बताया। उन्होंने कहा, ‘मतदाता ही सर्वोपरि हैं और यह उन्हीं पर निर्भर करता है कि वे किसे वोट दें, सही व्यक्ति को या गलत व्यक्ति को। अगर मतदाता सोच-समझकर निर्णय लेते हैं, तो सभी दलों और गुटों में व्याप्त अनियमितताओं को सुधारा जा सकता है। सत्ता से पैसा और पैसे से वापस सत्ता पाने का एक दुष्चक्र लगातार चल रहा है। यही इन गलत कामों की मूल वजह है।’

गौरतलब है कि राघव चड्ढा और हरभजन सिंह समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने दो दिन पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया। राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के बीच टकराव की स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी। आम आदमी पार्टी में फूट सार्वजनिक रूप से तब सामने आई, जब राघव चड्डा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन करने की घोषणा की। इसके साथ ही, राघव चड्डा ने हरभजन समेत 4 अन्य सांसदों के नाम भी बताए, जो आम आदमी पार्टी छोड़ी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राघव चड्डा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें सदस्यता दिलाई। इसके साथ ही, उन्होंने चार अन्य राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता का पार्टी में स्वागत किया।