नेपाल सरकार ने राजदूत बनने के इच्छुक आम नागरिकों से आवेदन मांगे हैं। सरकार का उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाना है। विभिन्न देशों में 24 राजनयिक पद खाली होने वाले हैं, जिनके लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
International Desk
क्या कोई आम नागरिक भी किसी देश का राजदूत बन सकता है? नेपाल सरकार ने इस सवाल का जवाब “हां” में दिया है। नेपाल ने राजदूत बनने की इच्छा रखने वाले योग्य नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस कदम को देश में कूटनीतिक नियुक्तियों को अधिक पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है। Ministry of Foreign Affairs Nepal ने इसके लिए आधिकारिक नोटिस जारी किया है। साथ ही सात पन्नों का विस्तृत दस्तावेज भी प्रकाशित किया गया है, जिसमें पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवश्यक योग्यताओं का उल्लेख किया गया है।
कौन कर सकता है आवेदन?
राजदूत पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का कम से कम स्नातक (ग्रेजुएट) होना अनिवार्य है। उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या सजा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा किसी विदेशी भाषा का ज्ञान भी आवश्यक होगा। उम्मीदवार को आवेदन पत्र में यह भी बताना होगा कि वह इस पद के लिए खुद को क्यों उपयुक्त मानता है और चयन होने पर नेपाल के हितों को आगे बढ़ाने के लिए क्या योजना रखता है।
इन उम्मीदवारों को मिलेगा फायदा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति विज्ञान, कानून, अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन जैसे विषयों में शिक्षा प्राप्त लोगों को अधिक महत्व मिलेगा। नेपाल की विदेश नीति पर शोध, पुस्तक लेखन, अकादमिक लेख या अन्य बौद्धिक योगदान रखने वाले उम्मीदवारों को भी चयन में अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
24 पद होंगे खाली
वर्तमान में नेपाल के विभिन्न देशों में 17 राजदूत पद रिक्त हैं। अगस्त तक सात और पद खाली होने वाले हैं। इस तरह सितंबर तक कुल 24 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इनमें भारत, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, इज़राइल, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ओमान, मलेशिया और बांग्लादेश समेत कई देशों में तैनातियां शामिल हैं।
ये होनी चाहिए योग्ताएं
- आवेदक की न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है।
- उम्मीदवार नेपाली नागरिक होना चाहिए।
- उसके पास किसी अन्य देश की स्थायी नागरिकता या रेजिडेंसी नहीं होनी चाहिए।
- भ्रष्टाचार, नैतिक अपराध या गंभीर कानूनी मामलों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति आवेदन नहीं कर सकेंगे।
- चयन प्रक्रिया में अच्छी अंग्रेजी, प्रभावी संवाद क्षमता, बातचीत और समझौता कौशल, व्यापार एवं निवेश संबंधी अनुभव को महत्व दिया जाएगा।
- इसके अलावा United Nations, SAARC और BIMSTEC जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की जानकारी रखने वाले उम्मीदवारों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
नेपाल में फैसले की हो रही सराहना
नेपाल सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य राजदूतों की नियुक्ति को केवल राजनीतिक सिफारिशों तक सीमित रखने के बजाय योग्य और सक्षम व्यक्तियों के लिए खोलना है। इस फैसले की देश में व्यापक सराहना हो रही है क्योंकि इससे विदेश सेवा से बाहर के अनुभवी और प्रतिभाशाली नागरिकों को भी देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकेगा।
