साइलेंट बीपी अटैक के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जा सकती है जान!

हेल्थ

हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साइलेंट बीपी अटैक जानलेवा साबित हो सकता है?

नेशनल डेस्क

 हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि साइलेंट बीपी अटैक जानलेवा साबित हो सकता है? यह तब होता है जब ब्लड प्रेशर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर असर डालता है, लेकिन व्यक्ति को कोई बड़ा संकेत नहीं मिलता। इस वजह से समय पर इलाज नहीं हो पाता और यह ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक या किडनी फेलियर का कारण बन सकता है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो मौत तक हो सकती है।

कैसे समझें साइलेंट बीपी अटैक के लक्षण?

कई बार लोग बीपी बढ़ने के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये संकेत साइलेंट बीपी अटैक की ओर इशारा कर सकते हैं:

  • हल्का सिरदर्द या चक्कर आना
  • आंखों के सामने धुंधलापन या ब्लैकआउट
  • थकान और कमजोरी महसूस होना
  • अचानक घबराहट या बेचैनी होना
  • सांस लेने में दिक्कत महसूस होना
  • बिना वजह ज्यादा पसीना आना
  • छाती में हल्का दर्द या भारीपन
  • नींद में कमी या बार-बार नींद खुलना

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत ब्लड प्रेशर चेक करवाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

कुछ लोगों में साइलेंट बीपी अटैक का खतरा ज्यादा होता है। खासकर:

  1. डायबिटीज के मरीजों को – हाई ब्लड शुगर की वजह से नसें कमजोर हो जाती हैं, जिससे बीपी अचानक बढ़ सकता है।
  2. बुजुर्गों को – उम्र बढ़ने के साथ रक्त वाहिकाएं कठोर हो जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है।
  3. धूम्रपान और शराब पीने वालों को – ये आदतें ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर सकती हैं।
  4. ज्यादा नमक और फैटी फूड खाने वालों को – खराब डाइट हाई बीपी का सबसे बड़ा कारण बन सकती है।
  5. तनावग्रस्त लोगों को – लगातार मानसिक दबाव बीपी बढ़ा सकता है।
  6. शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोगों को – एक्सरसाइज की कमी से ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है।

साइलेंट बीपी अटैक से बचने के लिए क्या करें?

  • नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराएं।
  • कम नमक और हेल्दी डाइट लें।
  • धूम्रपान और शराब से बचें।
  • रोज़ाना व्यायाम करें और वज़न कंट्रोल में रखें।
  • तनाव को मैनेज करें और पर्याप्त नींद लें।