राम मंदिर के निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में भी ‘डाका’ डाला गया, पर जांच नहीं हुई : जयराम रमेश

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कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में भी ”डाका” डाला गया और इससे जुड़े आरोपों की जांच नहीं की गई।

नई दिल्ली

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी नहीं हुई, बल्कि मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में भी ”डाका” डाला गया और इससे जुड़े आरोपों की जांच नहीं की गई। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि उनकी ”नाक के नीचे चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी” होती रही तो उन्होंने इसे अपनी ”मूक सहमति” देकर खुद को ”पाप का भागी” क्यों बनाया?

रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के बाग बिजैसी जमीन सौदे को लेकर भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा, आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद का सपना, चंदे का माल अपना।” उन्होंने जमीन संबंधी सौदे का हवाला देते हुए दावा किया कि दोनों रजिस्ट्रियों में गवाह भी एक ही थे जिनमें तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा शामिल थे।

रमेश ने सवाल किया, ”क्या यह सही नहीं है कि 2021 की जांच रिपोर्ट पांच साल बाद भी सार्वजनिक नहीं हुई? जमीन सौदों पर एसआईटी जांच का नतीजा कब आएगा?” कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में ”सिर्फ चढ़ावा ही चोरी नहीं हुआ है”, बल्कि मंदिर निर्माण के लिए देश के करोड़ों लोगों से जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये के चंदे में भी ”डाका डाला गया”। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष द्वारा बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों को लेकर न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।