80वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘मजबूत और उज्ज्वल हो भारत का भविष्य’,: CJI सूर्यकांत

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‘मजबूत और उज्ज्वल हो भारत का भविष्य’, CJI सूर्यकांत ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को क्या कहा?

 

CJI Suryakant on Independence Day: भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारत के लगातार प्रगति करने और देश के मजबूत व उज्ज्वल भविष्य की कामना की. CJI सूर्यकांत ने लोकतंत्र, कानून के शासन, समानता और संवैधानिक सिद्धांतों को भारत की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया. पीएम मोदी ने बड़े सपने देखने और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की. समारोह में पहली बार आजादी के बाद लाल किले पर वंदे मातरम की पूरी प्रस्तुति भी हुई.

नई दिल्ली
 देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत@2047 का संकल्प देश के सामने रखा. इसी बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान CJI सूर्यकांत ने भारत के लिए एक मजबूत और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उनकी शुभकामनाओं में लोकतंत्र, कानून का शासन, समानता और संवैधानिक मूल्यों का खास तौर पर जिक्र रहा. CJI का संदेश छोटा था, लेकिन उसमें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के मूल सिद्धांतों को लेकर एक स्पष्ट उम्मीद नजर आई.

CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत लगातार प्रगति करता रहे और देश की ताकत लोकतंत्र, कानून के शासन, समानता और संवैधानिक सिद्धांतों में बनी रहे. इसके साथ ही उन्होंने देशवासियों को आगे बढ़ते रहने का संदेश दिया. उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दोहराया. यानी देश के सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख की शुभकामनाओं से लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन तक, स्वतंत्रता दिवस के दिन भारत के भविष्य और उसके लोकतांत्रिक मूल्यों की तस्वीर प्रमुखता से सामने आई.

CJI सूर्यकांत ने देशवासियों को क्या शुभकामना दी?

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं. हमारा देश ताकत, लोकतंत्र, कानून के शासन, समानता और हमारे सभी संवैधानिक सिद्धांतों के साथ लगातार प्रगति करता रहे.’ इसके बाद उन्होंने भारत के भविष्य को लेकर अपनी उम्मीद जाहिर करते हुए कहा, ‘भारत, एक मजबूत और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ता रहे.’

 

CJI का संदेश संक्षिप्त रहा, लेकिन इसमें लोकतंत्र और संविधान से जुड़े कई महत्वपूर्ण मूल्यों का जिक्र हुआ. उन्होंने भारत की प्रगति को केवल आर्थिक या तकनीकी विकास से जोड़ने के बजाय लोकतंत्र, समानता और कानून के शासन जैसे मूल सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ने की कामना की.

लाल किले से पीएम मोदी ने रखा विकसित भारत का लक्ष्य

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया. ध्वजारोहण के साथ 1721 फील्ड बैटरी की सेरेमोनियल गनर्स ने 21 तोपों की सलामी दी. इस बार सलामी में स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा, ‘आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है. और वो सपना है, जब आजादी के 100 साल होंगे… 2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे.’
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े सपने देखने की अपील भी की. उन्होंने कहा, ‘अब छोटे सपनों से काम चलने वाला नहीं. हमें बड़े सपने, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं. हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए.’

‘सपने, संकल्प और सामर्थ्य से आगे बढ़ेगा देश’

पीएम मोदी ने अपने भाषण में भारत की प्रगति को सपनों, संकल्प और सामर्थ्य से जोड़ते हुए कहा, ‘कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है.’ उन्होंने आगे कहा कि बड़े सपने देश की सोच को व्यापक बनाते हैं और मजबूत संकल्प मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देते हैं. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है, तो दुनिया का भारत को देखने का नजरिया भी बदलता है.

पहली बार लाल किले पर गूंजा वंदे मातरम

इस स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ भी खास चर्चा में रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद 15 अगस्त को पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम की पूरी प्रस्तुति गूंज रही है. उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया. इस तरह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर CJI सूर्यकांत का संदेश और प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन दोनों ही भारत के भविष्य की तस्वीर पर केंद्रित रहे. एक ओर CJI ने लोकतंत्र, समानता, कानून के शासन और संवैधानिक सिद्धांतों के साथ मजबूत और उज्ज्वल भारत की कामना की. वहीं पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए बड़े सपनों और मजबूत संकल्प का आह्वान किया.