अंकिता भंडारी हत्याकांड: राहुल गांधी का BJP पर हमला, बोले- अपराधियों को बचाने की विकृत मानसिकता; और क्या बोले?
नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिवार को घटना के वर्षों बाद भी न्याय की प्रतीक्षा है। राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने हाल में अंकिता के परिजनों से मुलाकात की और मामले से जुड़े कई सवाल उठाए। उन्होंने रिसॉर्ट में अंकिता के कमरे को जांच से पहले गिराए जाने को भी संदिग्ध बताया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर शनिवार को भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल में अपराधियों को बचाने की विकृत मानसिकता है। उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी।
कांग्रेस सांसद ने कहा, “अंकिता, महज 19 साल की थी और वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। एक ‘वीआईपी’ मेहमान की शर्मनाक मांगों का विरोध करने पर चिल्ला नहर में डुबोकर उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हिंसा और डूबने के सबूत की पुष्टि हुई थी।” उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जांच शुरू होने से पहले ही रिसॉर्ट में अंकिता के कमरे को गिरा दिया गया, जो अपने आप में संदिग्ध है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, “इस दुखद मामले का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि राज्य सरकार आज तक उस ‘वीआईपी’ को बचाती आ रही है। क्यों? क्योंकि वह भाजपा-आरएसएस का एक प्रमुख नेता है।” उन्होंने कहा, “यह भाजपा की विकृत मानसिकता है। दुष्कर्मियों और अपराधियों को बचाना, उन्हें राजनीतिक संरक्षण देना और यहां तक कि दोषी ठहराए गए दुष्कर्मियों का माला पहनाकर स्वागत करना।”
भाजपा पर साधा निशाना
उन्होंने कहा, “दुनिया के सबसे घृणित लोग वे हैं जो दुष्कर्मियों का बचाव करते हैं और भाजपा ऐसे लोगों से भरी पड़ी है।” पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली इस अमानवीय मानसिकता को खत्म नहीं किया जाता, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ आगे बढ़ेंगी।”
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में उनके लापता होने की सूचना मिली थी। बाद में उनका शव एक नहर से बरामद हुआ था। जांच में सामने आया था कि रिसॉर्ट में एक वीआईपी मेहमान को विशेष सेवाएं देने की अपने नियोक्ता की मांग को ठुकराने के कारण उनकी हत्या कर दी गई थी। इस चर्चित हत्याकांड के बाद पूरे उत्तराखंड में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले में रिसॉर्ट मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में तीनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया।
