कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके आंदोलन खत्म होने के बाद अपने घर पहुंचें. जहां समर्थकों और परिवार के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि FIR वापस नहीं हुई तो फिर से होगा आंदोलन.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके आंदोलन समाप्त होने के बाद गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन करने के बाद घर पहुंचे दीपके ने कहा कि इतने लंबे संघर्ष के बाद अब उन्हें अपने घर लौटकर सुकून मिला है. उन्होंने कहा कि अब वह कुछ समय सामान्य जीवन जीना चाहते हैं और शांति से आराम करना चाहते हैं.
अभिजीत दीपके ने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गई तो उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा और व्यापक होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.
CJP आंदोलन समाप्त होने के बाद घर लौटे अभिजीत दीपके का हुआ जोरदार स्वागत , बोले- FIR नहीं हटी तो फिर होगा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके आंदोलन खत्म होने के बाद अपने घर पहुंचें. जहां समर्थकों और परिवार के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि FIR वापस नहीं हुई तो फिर से होगा आंदोलन.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके आंदोलन समाप्त होने के बाद गर्मजोशी से स्वागत किया गया. जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन करने के बाद घर पहुंचे दीपके ने कहा कि इतने लंबे संघर्ष के बाद अब उन्हें अपने घर लौटकर सुकून मिला है. उन्होंने कहा कि अब वह कुछ समय सामान्य जीवन जीना चाहते हैं और शांति से आराम करना चाहते हैं.
अभिजीत दीपके ने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गई तो उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा और व्यापक होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.
पेपर लीक कानून पर उठाए सवाल
एंटी पेपर लीक बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने कहा कि केवल नए कानून बना देने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी. उन्होंने कहा कि देश में कई सुधार हुए हैं, लेकिन जब तक नीयत में बदलाव नहीं आएगा, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों के लिए बनी फास्ट-ट्रैक कोर्ट की पहली ही सुनवाई CBI के वकील की अनुपस्थिति के कारण टल गई.
जड़ पर चोट किए बिना नहीं रुकेगा पेपर लीक
जयपुर में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी संशोधन विधेयक पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कानून में सजा बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया गया है, लेकिन पेपर लीक रोकने के ठोस उपायों की कमी है. रांका ने परीक्षा प्रणाली के डिजिटलीकरण, साइबर सुरक्षा मजबूत करने, ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और एंड-टू-एंड ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की मांग की. रांका ने कहा कि केवल सख्त सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट से नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियां दूर करने से ही पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.
