India vs England: सुनील गावस्कर का मानना है कि शुभमन गिल को प्लेइंग इलेवन चुनने का अधिकार नहीं है, यह फैसला कप्तान का होना चाहिए. कुलदीप यादव को टीम में न चुने जाने पर बहस छिड़ी है.
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महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का मानना है कि शुभमन गिल को प्लेइंग इलेवन चुनने में शायद आखिरी फैसला लेने का अधिकार नहीं था. उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से कप्तान का होना चाहिए और हेड कोच सहित किसी और का इस पर प्रभाव नहीं होना चाहिए.
आखिरकार, यह कप्तान की टीम होती है. हो सकता है कि शुभमन शार्दुल को टीम में नहीं चाहते थे और कुलदीप को चाहते थे.
आम धारणा यह है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ऐसे गेंदबाजों पर जोर दिया है जो बल्ले से योगदान दे सकें, विशेषकर हेडिंग्ले टेस्ट में भारत के तीन विकेट पर 430 रन बनाने के बावजूद अगले 11 ओवर में 471 पर ऑल आउट होने के बाद.
उसे टीम में वह मिलना चाहिए था. वह कप्तान है. लोग उसके और उसकी कप्तानी के बारे में बात करेंगे इसलिए यह फैसला असल में उसका ही होना चाहिए.
मुझे पता है कि सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने के लिए ये बातें शायद सामने न आएं. सच तो यह है कि कप्तान जिम्मेदार है. वही एकादश का नेतृत्व करेगा. यह सामान्य सी बात है.’
गावस्कर ने कहा कि उनके कप्तानी कार्यकाल में चीजें अलग तरह से होती थीं, जब टीम का चयन पूरी तरह से कप्तान का विशेषाधिकार होता था और कोच की अवधारणा ही नहीं थी क्योंकि सब कुछ मैनेजर और सहायक मैनेजरों के बारे में था.




