तापमान” काफी बढ़ने वाला है, क्योंकि विपक्ष जोरदार तरीके से भाजपा पर निशाना साधेगा सदन ‘तानाशाही’ से नहीं चलेगा : कांग्रेस

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संसद सत्र से पहले, कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि (सियासी) ‘‘तापमान” काफी बढ़ने वाला है, क्योंकि विपक्ष जोरदार तरीके से भाजपा पर निशाना साधेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदन को ‘‘पहले की तरह तानाशाह तरीके से नहीं संचालित किया जाए।”

नई दिल्ली 

संसद सत्र से पहले, कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि (सियासी) ‘‘तापमान” काफी बढ़ने वाला है, क्योंकि विपक्ष जोरदार तरीके से भाजपा पर निशाना साधेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदन को ‘‘पहले की तरह तानाशाह तरीके से नहीं संचालित किया जाए।” कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उनकी सहानुभूति भाजपा के साथ है, क्योंकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बड़े नेता, जो अच्छे वक्ता माने जाते हैं, सदन में पहुंच गए हैं।

सदन की कार्यवाही तानाशाह तरीके से नहीं चलेगी
यह पूछे जाने पर कि क्या विपक्ष लोकसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) पद की मांग करेगा, उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य वरिष्ठ नेता इस बारे में फैसला करेंगे। श्रीनेत ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘लेकिन मैं आपको एक बात बता सकती हूं – अपनी कुर्सी की पेटी बांध लें क्योंकि सदन का (सियासी) तापमान बहुत बढ़ने वाला है। अब सदन की कार्यवाही तानाशाह तरीके से नहीं चलेगी, जैसा कि पहले होता था।”

भाजपा के प्रति अपनी अग्रिम सहानुभूति व्यक्त करती हूं
उन्होंने कहा, ‘‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन (लोकसभा) अध्यक्ष बनता है और कौन डिप्टी स्पीकर बनता है। राहुल गांधी के 14 मिनट के भाषण में अब आपको 11 मिनट तक (लोकसभा) अध्यक्ष नहीं दिखेंगे। मैं आपको यह बता सकती हूं और यही लोकतंत्र की ताकत है।” उन्होंने कहा, ‘‘जिस सदन में वे राहुल जी का सामना नहीं कर पाते थे, वहां प्रियंका जी आने वाली हैं। ‘इंडिया’ के बड़े-बड़े नेता, तेज तर्रार वक्ता, सब आने वाले हैं। इसलिए, मैं भाजपा के प्रति अपनी अग्रिम सहानुभूति और संवेदना व्यक्त करना चाहती हूं। अब सदन तानाशाह तरीके से संचालित नहीं होगा।”

लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा,
18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होगा, जिस दौरान निचले सदन के नये सदस्य शपथ लेंगे और अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी, जिसमें अगले पांच वर्षों के लिए नयी सरकार का ‘रोडमैप’ बताया जाएगा। संसद का सत्र तीन जुलाई को संपन्न होगा।केंद्रीय बजट पेश करने के लिए, संसद के दोनों सदनों की बैठक जुलाई के तीसरे सप्ताह में फिर से बुलाये जाने की उम्मीद है।