राशनकार्ड धारकों को तिरंगा खरीदने पर किया जा रहा मजबूर : वरुण गांधी का ट्वीट वायरल

देश

Loading

वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने अपने ट्विट में लिखा, “आजादी की 75वीं वर्षगाँठ का उत्सव गरीबों पर ही बोझ बन जाए तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा. राशन कार्ड धारकों (Ration card holders) को या तिरंगा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है

हर घर तिरंगा अभियान पर वरुण गांधी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है.

 

नई दिल्ली: 

मोदी सरकार (Modi government) की नीतियो के विरुद्ध आक्रामक रुख अपनाने वाले बीजेपी सांसद वरुण गांधी (Varun Gandhi) ने एक बार फिर सरकारी नीतियों पर चोट किया है. इस बार वरुण गांधी ने मोदी सरकार के ‘हर घर तिरंगा'( Har ghar Tiranga) अभियान से गरीबों को हो रहे नुकसान को लेकर ट्वीट किया है. वरुण गांधी अपने इस ट्वीट में इस बार गरीबों की आवाज उठाते हुए दिख रहे हैं.

वरुण गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “आजादी की 75वीं वर्षगाँठ का उत्सव गरीबों पर ही बोझ बन जाए तो दुर्भाग्यपूर्ण होगा. राशन कार्ड धारकों को या तिरंगा खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है या उसके बदले उनके हिस्से का राशन काटा जा रहा है. हर भारतीय के हृदय में बसने वाले तिरंगे की कीमत गरीब का निवाला छीन कर वसूलना शर्मनाक है.

बता दें कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत मोदी सरकार ने 20 करोड़ घरों पर तिरंगा लगाने का फैसला किया है. सरकार के इस अभियान को बीजेपी शासित राज्य भी खूब भुना रहे हैं. इसी बीच हरियाणा में सोशल माडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है.इस मैसेज में लिखा है कि डिपो धारकों द्वारा राशन डिपो पर बिना झंडे खरीदे राशन नहीं मिलेगा. मैसेज में लिखा है कि डिपो से जुड़े सभी राशन कार्ड धारक 20 रुपये लेकर डिपो पर झंडा लेने पहुंचे. झंडा न लेने वालों को अगस्त महीने का गेहूं नहीं दिया जाएगा.

यह मैसेज हरियाणा में ही नहीं बल्कि वायरल होकर पूरे देश में पहुंच गया. इसके बाद बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने यह ट्वीट किया है. उन्होंने एक वीडियो भा शेयर किया है, जिसमें लोग कह रहे हैं कि हमारे पास राशन खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं और हम तिरंगा खरीदने के लिए पैसे कहां से लाएं.

गरीबों के राशन को लेकर वरुण गांधी ने कही थी ये बात
वरुण गांधी अपनी ही सरकार की नीतियों को लेकर हमेशा सवाल खड़ करते रहे हैं. गरीबों को राशन दिये जाने को लेकर वरुण गांधी ने 6 अगस्त को एक ट्वीट किया था. उसमें लिखा, “जो सदन गरीब को 5 किलो राशन दिए जाने पर ‘धन्यवाद’ की आकांक्षा रखता है. वही सदन बताता है कि 5 वर्षों में भ्रष्ट धनपशुओं का 10 लाख करोड़ तक का लोन माफ हुआ है. ‘मुफ्त की रेवड़ी’ लेने वालों में मेहुल चोकसी और ऋषि अग्रवाल का नाम शीर्ष पर है. सरकारी खजाने पर आखिर पहला हक किसका है? इसके पहले भी वरुण गांधी महंगाई, बेरोजगारी आदि मुद्दों पर अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं.