गणपति पूजा के दौरान न तुलसी चढ़ाएं, न लगाएं ऐसा भोग…गणेश चतुर्थी पर बप्पा की पूजा में ये गलती घातक

धर्म

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है. इस दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में बप्पा की स्थापना की जाएगी. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पूजा के दौरान फूल, फल, मोदक, दूर्वा समेत कई सामग्री गणपति को अर्पित की जाती है, लेकिन पूजा सामग्री चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. गणपति को मोदक, लड्डू, फल और सात्विक भोजन का भोग लगाया जा सकता है. तुलसी के पत्ते अर्पित न करें. दूर्वा अर्पित कर सकते हैं. पूजा में मुरझाए, सूखे या खराब फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

 

अयोध्या.

गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु विधि-विधान से गणपति की स्थापना कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और शुभ कार्यों में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं. हालांकि गणपति पूजा के दौरान कुछ ऐसी चीजों का इस्तेमाल करने से बचने की धार्मिक मान्यता है, जिन्हें भगवान गणेश को अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा. घरों और सार्वजनिक पंडालों में बप्पा की स्थापना की जाएगी. पूजा के दौरान फूल, फल, मोदक, दूर्वा समेत कई सामग्री भगवान को अर्पित की जाती है, लेकिन पूजा सामग्री चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

 

न बनाएं ऐसा भोग

 

पंडित कल्कि राम बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ और भगवान को लगाए जाने वाले भोग में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए गणेश चतुर्थी पर अगर घर में बप्पा के लिए प्रसाद या भोग तैयार किया जा रहा है, तो उसमें लहसुन-प्याज का प्रयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है. गणपति को मोदक, लड्डू, फल और सात्विक भोजन का भोग लगाया जा सकता है.

 

पहनाएं कैसा कपड़ा
पंडित कल्कि राम के मुताबिक, भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित न करने की धार्मिक मान्यता भी प्रचलित है. पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी और भगवान गणेश से जुड़ा एक प्रसंग बताया जाता है, जिसके कारण गणेश पूजा में तुलसी दल का इस्तेमाल वर्जित माना गया. इसके विपरीत दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय मानी जाती है, इसलिए भक्त पूजा के दौरान उन्हें दूर्वा अर्पित करते हैं. गणेश पूजा में भगवान को काले या नीले रंग के वस्त्र न पहनाने की मान्यता है. पूजा में लाल, पीले और दूसरे शुभ रंगों के वस्त्रों का प्रयोग अधिक उपयुक्त माना जाता है.
केतकी का फूल वर्जित
धार्मिक मान्यताओं में केतकी के फूल का संबंध भगवान शिव से जुड़ी एक पौराणिक कथा से है. इसी कारण भगवान गणेश की पूजा में भी केतकी के फूल अर्पित न करने की परंपरा है. इसके अलावा पूजा में मुरझाए, सूखे या खराब फूलों का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए. गणपति को ताजे और सुगंधित फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है.