PM मोदी की दोस्त मेलोनी ने भारत के कट्टर दुश्मन को कहा थैंक्यू , जमकर की पाकिस्तान की तारीफ

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिका-ईरान शांति समझौते का स्वागत करते हुए पाकिस्तान और कतर सहित सभी मध्यस्थ देशों को धन्यवाद दिया। फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने भी पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने…

International Desk

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास दोस्त इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का जोरदार स्वागत करते हुए भारत के दुश्मन देश  पाकिस्तान और कतर की भूमिका की खुलकर सराहना की है। मेलोनी ने कहा कि इन मध्यस्थ देशों के प्रयासों के कारण ही यह महत्वपूर्ण समझौता संभव हो सका। मेलोनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि इटली, फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम इस समझौते का स्वागत करते हैं और उन सभी मध्यस्थों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने बातचीत को सफल बनाने में योगदान दिया, विशेष रूप से कतर (Qatar) और पाकिस्तान (Pakistan) का। उन्होंने कहा कि यह शांति का एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसे गंवाया नहीं जाना चाहिए और इटली व्यापक तथा स्थायी समझौते के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा।

 

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी स्पष्ट संदेश
मेलोनी ने कहा कि एक बात पूरी तरह स्पष्ट है कि Iran को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जा सकते। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यक संसदीय मंजूरी मिलने पर इटली, अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर Strait of Hormuz में अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक उपस्थिति को मजबूत करने में योगदान देने के लिए तैयार है, ताकि समुद्री व्यापार सामान्य रूप से चल सके।

चार यूरोपीय देशों का संयुक्त बयान
इटली, फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और ईरान की सरकारों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान, कतर और अन्य मध्यस्थ देशों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। संयुक्त बयान में कहा गया कि यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का अवसर प्रदान करता है। नेताओं ने समझौते को तेजी से लागू करने और विस्तृत वार्ताओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया।

 

होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने की मांग
यूरोपीय नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को तुरंत पूरी तरह खोलने और वाणिज्यिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बहाल करने की मांग की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में स्थिरता आएगी और पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है।