विश्वविद्यालयों में आरएसएस और संघ की विचारधारा वाले कुलपतियों की नियुक्ति भाई-भतीजावाद का जीता जागता उदाहरण है:सिब्बल

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नई दिल्ली

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को रोजगार मेले में करीबन 71,000 लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे थे। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा था कि भर्ती प्रणाली में उनकी सरकार द्वारा लाए गए बदलावों ने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को समाप्त किया है।

राज्यसभा एमपी और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने नौकरियों में भाई भतीजावाद को समाप्त करने के पीएम मोदी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में आरएसएस और संघ की विचारधारा वाले कुलपतियों की नियुक्ति भाई-भतीजावाद का जीता जागता उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को रोजगार मेले में करीबन 71,000 लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे थे। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा था कि भर्ती प्रणाली में उनकी सरकार द्वारा लाए गए बदलावों ने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को समाप्त किया है।

पीएम मोदी के इसी बयान का कटाक्ष करते हुए सिब्बल ने ट्वीट में कहा- “भर्ती प्रणाली में बदलावों से भ्रष्टाचार तथा भाई भतीजावाद समाप्त हुआ है। इसके लिए बधाई, लेकिन विश्वविद्यालयों में आरएसएस तथा उसकी विचारधारा वाले कुलपतियों की नियुक्तियां‘भाई भतीजावाद के जीते जागते उदाहरण’ हैं। इस पर आप क्या कहते हैं प्रधानमंत्री जी?”

सिब्बल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पहले और दूसरे कार्यकाल केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। पिछले साल उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। राज्यसभा में उनकी नियुक्ति निर्दलीय सदस्य के तौर पर की गई थी। हाल ही में अन्याय के खिलाफ लड़ने के मकसद के साथ सिब्बल ने एक गैर चुनावी मंच ‘इंसाफ’ का गठन किया है।