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CJI Suryakant on Rahul Gandhi: राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है कि उसे डराया-धमकाया जा सके. अदालत पर दबाव बनाने की कोशिशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता. सुनवाई के दौरान सीनियर वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे अभूतपूर्व घटना बताया था.
CJI Suryakant on Rahul Gandhi Supreme Court March
राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है. राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट वाले विरोध मार्च को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट को कोई डरा-धमका नहीं सकता. ये बेकार की कोशिशें हैं और इनपर कोई ध्यान नहीं देता. सीजेआई सूर्यकांत ने यह टिप्पणी तब की, जब सीनियर वकील गौरव भाटिया ने दलील दी. गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसक दिन सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह अभूतपूर्व था.
दरअसल, आज यानी 15 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. यह सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत के बेंच के समक्ष हुई. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च को लेकर कहा, ‘कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता. ये बेकार की कोशिशें हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता.’
सीजेआई सूर्यकांत बोले- कोई डरा धमका नहीं सकता
सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताई. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें पता है कि अदालत के बाहर क्या कहा जा रहा है और अदालत के अंदर क्या कहा जा रहा है. हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं रह रहे हैं. हमें हर बात की जानकारी है. सुप्रीम कोर्ट को कोई डराने-धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता. न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है कि उसे डराया-धमकाया जा सके.’
सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी:
- सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को कोई डराने-धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता.
- अदालत पर दबाव बनाने की कोशिशों पर वह ध्यान नहीं देता।
- सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका इतनी कमजोर नहीं है कि उसे डराया-धमकाया जा सके.
किसने उठाया राहुल के मार्च का मसला
दरअसल, सीनियर वकील वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह अस्वीकार्य है. उन्होंने इसे न्यायपालिका को डराने-धमकाने और उस पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया. उन्होंने कहा कि उस दिन सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह अभूतपूर्व है. इस पर ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता.
दरअसल, सीनियर वकील वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक जुलूस निकाले जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह अस्वीकार्य है. उन्होंने इसे न्यायपालिका को डराने-धमकाने और उस पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया. उन्होंने कहा कि उस दिन सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वह अभूतपूर्व है. इस पर ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता.
राहुल गांधी की याचिका में क्या है
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेताओं ने याचिका दायर की है. इन याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है. इस याचिका पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई की. बीते सोमवार को गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेता याचिका दायर करने के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे.
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में और तकनीकी विशेषज्ञों तथा अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों की सहायता से एक स्वतंत्र समिति के गठन का अनुरोध किया गया है, ताकि समयसीमा के भीतर एसआईआर के दौरान किए गए नाम विलोपनों और संशोधनों का स्वतंत्र ऑडिट किया जा सके. शहर में हाल में मतदाता सूचियों के एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग करते हुए कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
