रेलवे की सुरक्षा उपायों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट नाखुश, कवच सिस्टम, पटरियो के आसपास बाड़ जैसे कामों पर जताई चिंता

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सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे मे यात्रियों सुरक्षा से जुड़े उपायों में सुस्त रफ्तार से हो रही प्रगति पर नाराजगी जताई है। इनमे ट्रेनों की टक्कर रोकने वाले ‘कवच’ सिस्टम को लागू करना, रेलवे पटरियो के आसपास बाड़ लगाना और फुट ओवरब्रिज बनाना शामिल है।

नई दिल्ली 

सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे मे यात्रियों सुरक्षा से जुड़े उपायों में सुस्त रफ्तार से हो रही प्रगति पर नाराजगी जताई है। इनमे ट्रेनों की टक्कर रोकने वाले ‘कवच’ सिस्टम को लागू करना, रेलवे पटरियो के आसपास बाड़ लगाना और फुट ओवरब्रिज बनाना शामिल है।

कोर्ट ने सुरक्षा जैसे गंभीर मामले मे रेलवे के अफसरों के रवैये पर निराशा जताई और कहा कि उनकी ओर से सुरक्षा सुधारों पर बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीन पर पर्याप्त बदलाव दिखाई बजट प्रावधानों का भी पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ है।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ रेल यात्रा में आम लोगों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं जैसी अप्रिय घटनाओं की रोकथाम से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सदस्यों को सुरक्षा उपायों में देरी और पटरियों के आसपास बाड़ लगाने के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाने पर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर काम में ठोस प्रगति नही हुई, तो बोर्ड के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होनी है। कोर्ट इस दौरान रेलवे की ओर से सुरक्षा उपायों पर किए गए काम और अपने निर्देशों के पालन की स्थिति की समीक्षा करेगी। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे के आश्वासनो के अनुरूप जमीन पर काम नहीं हुआ, तो बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य व्यक्तिगत जिम्मेदार होंगे।

बीमा सुरक्षा से वंचित क्यों यात्री

कोर्ट सलाहकार (एमिकस क्यूरी) वरिष्ठ अधिवक्ता शिखिल सूरी ने इस बीच काउंटर टिकटों पर बीमा नही मिलने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद कोर्ट ने रेलवे की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट यात्रियों
के बीच इस अंतर का कारण पूछा। पीठ ने कहा कि निचले आर्थिक तबके के लोग बड़ी संख्या में रेलवे खरीदते है। उन्हें बीमा सुरक्षा से वचित रखने का औचित्य नहीं है।

यात्रा बीमा का दायरा बढ़ेगा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रेलवे काउंटर से टिकट खरीदने वाले करोड़ों यात्रियों को भी ऑनलाइन टिकटधारको के समान यात्रा बीमा सुरक्षा मिलेगी। इससे रेल दुर्घटना में मृत्यु या चोट लगने पर पात्र यात्रियों को बीमा कवर का लाभमिल सकेगा। रेलवे सुरक्षा को भी कोर्ट ने गंभीरता से लिया और जानना चाहा कि जमीन पर पर्याप्त बदलाव क्यों नही दिखता।