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विपक्ष की ओर से क्या मांग की गई थी? चीफ जस्टिस ने इस मांग पर क्या जवाब दिया? भारत के मुख्य न्यायाधीश के सियासी दलों से मिलने का प्रोटोकॉल क्या है? क्या इस तरह से पहले कभी सीजेआई की सियासी दलों या उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई है?
भारत के चीफ जस्टिस (मुख्य न्यायाधीश) सूर्यकांत ने विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल की उनसे मिलने की मांग को ठुकरा दिया। सोमवार को सीजेआई ने इसके पीछे की वजह बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। हर नागरिक को अदालत आने का अधिकार है। इस टिप्पणी के जरिए चीफ जस्टिस ने एक बार फिर शक्तियों के विभाजन का सिद्धांत रखते हुए किसी भी सियासी दल या व्यक्ति को न्यायपालिका के सामने विशेष प्राथमिकता देने से इनकार कर दिया।
क्या पहले कभी सीजेआई की सियासी दलों या उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई है?
वकील विराग गुप्ता ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक देश एक चुनाव समिति की सुप्रीम कोर्ट जजों के साथ मीटिंग पर विवाद हुआ था। उस समिति के अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं। इस विषय पर विवाद की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फुल कोर्ट में जजों ने समिति के सदस्यों से मिलने से इनकार कर दिया।

