‘अन्याय के खिलाफ मत लड़ो अकेले’, राहुल गांधी ने लॉन्च की वेबसाइट ‘सत्याग्रह’, बोले अपनी कहानी भेजिए

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देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ नाम की वेबसाइट लॉन्च की है. उन्होंने देश के लोगों से अपील की है कि अगर वे किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं तो अपनी कहानी साझा करें. राहुल गांधी के मुताबिक इस पहल के जरिए अलग-अलग संघर्षों को एक नक्शे पर लाया जाएगा. लोग देख सकेंगे कि उनके जैसे मुद्दों को लेकर देश में और कौन आवाज उठा रहा है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह संसद में आवाज उठाएंगे और सड़क पर भी साथ खड़े होंगे. राहुल गांधी ने कहा कि लोगों का सहयोग करना नेता विपक्ष के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है.

देशभर में इन दिनों अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन का दौर चल रहा है. कहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए तो अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विपक्ष सड़कों पर है. अलग-अलग जगहों पर लोग अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. किसी के हाथ में पोस्टर हैं तो कोई धरने पर बैठा है. सोशल मीडिया पर भी इन आंदोलनों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ऐसी पहल की है जिसके जरिए देशभर में चल रहे संघर्षों को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई है.

राहुल गांधी ने एक वेबसाइट लॉन्च की है जिसका नाम ‘सत्याग्रह’ रखा गया है. इसके जरिए उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने हक के लिए लड़ रहे लोगों से अपनी कहानी साझा करने की अपील की है. उनका कहना है कि अगर कोई अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है तो वह अकेला न रहे. अपनी जानकारी वेबसाइट पर भेजे और बताए कि उसे किस तरह की मदद चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह संसद में आवाज उठाएंगे, सड़क पर साथ खड़े होंगे, खत लिखेंगे और जहां भी उनकी जरूरत होगी वहां सहयोग करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने इसे नेता विपक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी भी बताया है.

राहुल गांधी बोले- हर संघर्ष की अपनी कहानी है

 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट X पर वेबसाइट की जानकारी शेयर की. उन्होंने लिखा कि देशभर में लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं. उन्होंने युवाओं से लेकर छात्रों और किसानों तक का जिक्र किया. आदिवासी समुदायों और दलितों के साथ महिलाओं के संघर्ष की भी बात की. राहुल गांधी के मुताबिक हर संघर्ष की अपनी कहानी है. लेकिन जो आवाज अकेले उठती है वह कई बार दब जाती है. इसी सोच के साथ ‘सत्याग्रह’ को शुरू करने की बात कही गई है. उनका कहना है कि इस पहल के जरिए अलग-अलग जगहों पर उठ रही आवाजों को एक साथ देखा जा सकेगा.

एक नक्शे पर दिखेंगी लोगों की आवाजें

 

राहुल गांधी ने बताया कि ‘सत्याग्रह’ के जरिए लोगों की कहानियों को एक नक्शे पर लाने की कोशिश होगी. यानी देश के अलग-अलग हिस्सों में किस तरह के संघर्ष चल रहे हैं इसकी जानकारी एक जगह मिल सकेगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं तो अपनी कहानी भेजें. राहुल गांधी के मुताबिक इसमें करीब दो मिनट का समय लगेगा. इसके बाद लोग यह भी देख सकेंगे कि उनके जैसे संघर्ष से जुड़े दूसरे लोग देश में कहां मौजूद हैं.

‘सच सबसे बड़ा हथियार है’

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में महात्मा गांधी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बापू ने सिखाया था कि सच सबसे बड़ा हथियार है. उनके मुताबिक इससे भी बड़ा हथियार एकता के साथ सच के पक्ष में खड़ा होना है. राहुल गांधी ने कहा कि ‘सत्याग्रह’ इन्हीं आवाजों को एक साथ लाने की पहल है. इसका मकसद अलग-अलग संघर्षों की जानकारी को एक जगह लाना और लोगों को यह एहसास कराना है कि वे अपने मुद्दे पर अकेले नहीं हैं.

संसद से सड़क तक साथ देने की बात

राहुल गांधी ने लोगों से सिर्फ अपनी कहानी साझा करने की अपील नहीं की है. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी क्षमता के मुताबिक उनके साथ खड़े होंगे. उन्होंने कहा कि संसद में आवाज उठाने से लेकर सड़क पर साथ खड़े होने तक वह जो कर सकते हैं करेंगे. उन्होंने जरूरत पड़ने पर लोगों को खत लिखने और दूसरे तरीकों से सहयोग करने की बात भी कही. राहुल गांधी ने इसे नेता विपक्ष के तौर पर अपनी जिम्मेदारी बताया है.

वेबसाइट पर कैसे बतानी है अपनी कहानी?

राहुल गांधी ने लोगों से अपनी कहानी ‘सत्याग्रह’ वेबसाइट पर साझा करने को कहा है. इसके लिए उन्होंने rahulgandhi.in/satyagraha लिंक जारी किया है. उनका संदेश साफ है कि अगर कोई व्यक्ति या समुदाय अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है तो वह अपनी बात इस मंच तक पहुंचाए. राहुल गांधी के मुताबिक इस पहल से देशभर के अलग-अलग संघर्षों की तस्वीर एक जगह सामने आ सकेगी. लोग अपनी कहानी बताएंगे और यह भी देख सकेंगे कि उनके जैसे मुद्दों को लेकर और कौन लोग आवाज उठा रहे हैं.