‘देश पूछ रहा है अच्छे दिन कहां गए प्रधानमंत्री मोदीजी?’,महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर निशाना

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कांग्रेस ने खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि महंगाई ने मध्यम वर्ग और गरीबों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन ‘अच्छे दिन’ का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 1977 की हिंदी…

 

नई दिल्ली

कांग्रेस ने खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को आरोप लगाया कि महंगाई ने मध्यम वर्ग और गरीबों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन ‘अच्छे दिन’ का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 1977 की हिंदी फिल्म ‘हम किसी से कम नहीं’ के एक मशहूर गाने का उल्लेख करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और लिखा, ”क्या हुआ तेरा वादा? वो क़सम, वो इरादा?’

उन्होंने दावा किया कि पिछले एक महीने में मसालों के दाम में 10 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस महासचिव के अनुसार छोटी इलायची की कीमत 4,000 रुपए से बढ़कर 4,400 रुपए प्रति किलोग्राम, बड़ी इलायची 2,400 रुपए से बढ़कर 2,800 रुपए और जीरा 360 रुपए से बढ़कर 400 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया है। उन्होंने कहा कि जावित्री की कीमत भी 2,500 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है।

रमेश ने दावा किया कि अरहर दाल की कीमत 100 रुपए से बढ़कर 130 रुपए प्रति किलोग्राम, चना दाल की 70 रुपए से बढ़कर 100 रुपये और उड़द की 120 रुपए से बढ़कर 140 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। उन्होंने कहा कि सरसों तेल की कीमत 190 रुपए से बढ़कर 210 रुपए प्रति लीटर और सफोला तेल की कीमत 240 रुपए से बढ़कर 280 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

प्याज की कीमतों का उल्लेख करते हुए रमेश ने दावा किया कि जून से सितंबर के दौरान इसकी अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 29.50 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 53.78 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई, यानी करीब 82.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब परिवारों के लिए दाल और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।

रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर महंगाई के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘देश पूछ रहा है कि ‘अच्छे दिन’ कहां गए प्रधानमंत्री जी? सिर्फ प्रवचनों में बचे हैं क्या?’ उन्होंने सवाल किया, ‘जनता भूखी रहे, सरकार चुप रहे…क्या यही है नया भारत?’