हैदराबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर श्रीनिवासुलु रेड्डी को सस्पेंड कर दिया गया है. एक शादीशुदा महिला ने उन पर रेप और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है. महिला का दावा है कि इंस्पेक्टर ने उसकी अश्लील वीडियो बनाकर करीब दो करोड़ रुपए वसूले. डीजीपी सीवी आनंद ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
हैदराबाद
तेलंगाना में खाकी को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर श्रीनिवासुलु रेड्डी को एक महिला की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है. महिला ने पुलिस अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें बार-बार रेप करना और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शामिल है. शिकायत के मुताबिक आरोपी ने महिला से करीब दो करोड़ रुपए भी वसूले हैं. यह मामला तब सामने आया जब महिला ने तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद को एक लिखित शिकायत सौंपी. डीजीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए. इसके बाद इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब महिला पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए अमीनपुर पुलिस स्टेशन गई थी. वहीं पर आरोपी इंस्पेक्टर ने उसे अपने जाल में फंसा लिया था और फिर यह घिनौना खेल शुरू हुआ.
पुलिस के पास मदद के लिए गई महिला कैसे बनी शिकार?
महिला की शिकायत के अनुसार यह मामला कई साल पुराना है. वह एक पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए अमीनपुर पुलिस स्टेशन गई थी. उस समय श्रीनिवासुलु रेड्डी वहीं तैनात थे. आरोप है कि अधिकारी ने पहले महिला का भरोसा जीता. फिर डरा-धमकाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए.
महिला का दावा है कि इंस्पेक्टर ने छुपकर उसकी अश्लील फोटो और वीडियो भी बना ली. इसके बाद वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा. आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो लीक करने का डर दिखाया. इस तरह उसने महिला को शारीरिक संबंध बनाए रखने के लिए मजबूर किया और उसका शोषण जारी रखा.
अबॉर्शन का आरोप और 2 करोड़ रुपए की वसूली का सच क्या है?
महिला ने अपनी शिकायत में और भी कई चौंकाने वाले दावे किए हैं. उसने बताया कि इस यौन शोषण के कारण वह प्रेग्नेंट हो गई थी. आरोप है कि इंस्पेक्टर जबरन उसे अस्पताल ले गया और उसका अबॉर्शन करवा दिया. महिला का कहना है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में भी उसका मोबाइल नंबर दर्ज है. इसके अलावा आरोपी ने ब्लैकमेल करके उससे करीब दो करोड़ रुपए भी वसूले.
महिला ने अपनी शिकायत के साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड भी सबूत के तौर पर दिए हैं. उसने यह भी बताया कि इंस्पेक्टर ने हैदराबाद ट्रांसफर के लिए 25 लाख रुपए खर्च करने की बात कही थी.
कमिश्नर से मिलने से क्यों रोका गया और आगे क्या हुआ?
पीड़िता ने बताया कि उसने शिकायत दर्ज कराने के लिए कई बार प्रयास किए. वह हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार से मिलना चाहती थी. लेकिन कमिश्नर ऑफिस के अधिकारियों ने उसे मिलने नहीं दिया. इनमें श्रीधर और आईटी सेल के इंस्पेक्टर रमेश शामिल थे. महिला की शिकायत को डीजीपी सीवी आनंद ने गंभीरता से लिया. उन्होंने मल्टी-जोन आईजी शाहनवाज कासिम को जांच सौंपी है. साथ ही वेस्ट जोन डीसीपी को महिला का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया.
इसके कुछ ही घंटों बाद आरोपी को जुबली हिल्स से हटा दिया गया. शुरुआती जांच के बाद पुलिस कमिश्नर ने आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है. वहीं आरोपी रेड्डी ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उसने सफाई में कहा, ‘महिला ने ही मुझे धमकाकर पैसे वसूले हैं’. अब पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है.
