सगी मां ने पति से करवाया 11 साल की बेटी का रेप, फिर पिता का बच्चा पैदा करने को किया मजबूर

क्राइम

अमेरिका के ओकलाहोमा में 11 वर्षीय बच्ची के साथ उसके पिता द्वारा यौन शोषण कराने और गर्भवती होने पर घर में ही प्रसव कराने के मामले में मां को भी दोषी ठहराया गया है। डीएनए जांच से पिता की करतूत उजागर हुई। मुख्य आरोपी को पहले ही उम्रकैद की सजा मिल चुकी…

International Desk

हैवान मां का खौफनाक व  इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अमेरिका के ओकलाहोमा राज्य में  एक 34 वर्षीय महिला को अपनी 11 साल की बेटी के यौन शोषण में सहयोग करने और उसे संरक्षण देने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला ने अपनी बेटी को अपने ही पति के यौन उत्पीड़न से नहीं बचाया और गर्भवती होने के बाद बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के घर में ही उसका प्रसव कराया।इस मामले का मुख्य आरोपी 35 वर्षीय डस्टिन जोएल वॉकर है। उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ यौन शोषण के आरोप स्वीकार कर लिए थे। अदालत ने उसे 42 वर्ष की जेल की सजा सुनाई है, जिसके बाद वह आजीवन कारावास में रहेगा। साथ ही उसे सेक्स ऑफेंडर घोषित किया गया है।

 

ऐसे खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब अधिकारियों को जानकारी मिली कि 11 वर्षीय बच्ची ने घर के भीतर ही एक बच्चे को जन्म दिया है। जांच में सामने आया कि गर्भावस्था के दौरान उसे कभी डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया। डीएनए जांच में पुष्टि हुई कि नवजात का जैविक पिता बच्ची का अपना पिता ही था। जांचकर्ताओं के अनुसार बच्ची का करीब एक वर्ष तक लगातार यौन शोषण किया गया। आरोप है कि इस अपराध को छिपाने के लिए माता-पिता ने उसे स्कूल भी भेजना बंद कर दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि परिवार बेहद गंदे घर में रह रहा था। घर में छह बच्चे रहते थे और पिछले दो-तीन वर्षों से वहां पानी की नियमित सुविधा भी नहीं थी। बच्ची की दादी भी उसी घर में रहती थीं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस अपराध की जानकारी नहीं थी, हालांकि पुलिस ने उनके खिलाफ भी जांच शुरू की है।

मां भी दोषी करार
मुस्कोगी काउंटी की जूरी ने महिला को बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने, बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही और अन्य छह आपराधिक मामलों में दोषी पाया है। उसे जल्द सजा सुनाई जाएगी और उसे भी उम्रकैद की सजा मिल सकती है।मामले की सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि 11 साल की बच्ची का बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के घर में बच्चे को जन्म देना बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला है। फिलहाल प्रशासन ने घर में मौजूद सभी बच्चों को सरकारी संरक्षण में ले लिया है।