होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी जारी है. ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने तीन जहाजों को टारगेट किया है. दो जहाजों को ‘सीज’ किया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफायर ‘एक्सटेंड’ करने के बयान के बावजूद ईरान ने बातचीत से इनकार कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका लगातार सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है.
- ईरान के संसदीय स्पीकर के सलाहकार ने ट्रंप के सीजफायर विस्तार को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि सीजफायर बढ़ाने का मतलब ईरान के लिए कुछ भी नहीं है. उनके मुताबिक अमेरिका यह सब केवल वक्त काटने के लिए कर रहा है ताकि वह अचानक ईरान पर बड़ा हमला कर सके.
- ईरान के विदेश मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि बंदरगाहों की घेराबंदी करना ‘एक्ट ऑफ वार’ यानी युद्ध की घोषणा जैसा है. ईरान ने धमकी दी है कि जब तक अमेरिका अपनी समुद्री घेराबंदी नहीं हटाता तब तक वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखेगा. ईरान की नजर में अमेरिका की यह रणनीति केवल बातचीत से पहले दबाव बनाने का एक तरीका है.
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सरकार को ‘फ्रैक्चर्ड’ यानी बिखरी हुई सरकार बताया है. ट्रंप का कहना है कि वह ईरान की तरफ से एक ‘यूनिफाइड प्रपोजल’ का इंतजार कर रहे हैं. राष्ट्रपति का मानना है कि अगर अभी घेराबंदी हटाई गई तो इससे शांति समझौते की संभावना कमजोर हो जाएगी. इधर समुद्री एजेंसी ने पुष्टि की है कि कम से कम दो कंटेनर जहाजों पर सीधी गोलीबारी हुई है. यह हमला ठीक उसी समय हुआ जब ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने की बात कही थी.
- पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं लेकिन बातचीत का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है. अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुए जैसा कि पहले से तय था. इससे इस समिट की सफलता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. इस्लामाबाद की सड़कों पर भारी पुलिस बल और सेना तैनात है और अहम रास्तों को ब्लॉक किया गया है.
- पाकिस्तानी अधिकारी अभी भी ईरान की तरफ से डेलिगेशन के आने का इंतजार कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक सुरक्षा हटाने के कोई आदेश नहीं मिले हैं. पाकिस्तान दोनों देशों को मेज पर लाने की पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन होर्मुज में हुए हमलों ने माहौल बिगाड़ दिया है.
Israel Lebanon War LIVE: संघर्ष विराम बढ़ाने की तैयारी, लेबनान अमेरिका में रखेगा एक महीने के एक्सटेंशन का प्रस्ताव
लेबनान और इजरायल के बीच तनाव कम करने की कोशिश तेज हो गई है. AFP के मुताबिक लेबनान कल वॉशिंगटन में होने वाली बैठक में एक महीने के संघर्ष विराम विस्तार का प्रस्ताव रखेगा. मौजूदा 10 दिन का सीजफायर रविवार को खत्म हो रहा है, ऐसे में आगे की रणनीति पर चर्चा अहम मानी जा रही है. वहीं Reuters की रिपोर्ट के अनुसार बातचीत में बड़े स्तर की वार्ता की तारीख तय करने पर भी फोकस रहेगा. लेबनान इजरायली सेना की वापसी, अपने बंदियों की रिहाई और भूमि सीमा के स्पष्ट निर्धारण की मांग रखेगा.
Hormuz Blockade Live Updates: अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद ईरान के 34 टैंकर निकले आगे, तेल सप्लाई जारी
वैश्विक एनालिसिस फर्म Vortexa के मुताबिक ईरान से जुड़े कम से कम 34 टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को पार करने में सफल रहे हैं. इन जहाजों में कई कच्चे तेल से लदे टैंकर भी शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सप्लाई बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. रिपोर्ट, जिसे Financial Times ने भी सामने रखा, बताती है कि प्रतिबंधों के बावजूद ईरान वैकल्पिक रास्तों और रणनीतियों के जरिए अपने तेल निर्यात को जारी रखे हुए है.
US Iran Peace Talks LIVE: अमेरिका से बातचीत का सिग्नल दे रहा ईरान, कहा- सेना अलर्ट पर लेकिन बातचीत के दरवाजे खुले
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने कहा कि देश की सेना पूरी तरह सतर्क है और हर खतरे से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने साफ किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हित और सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा. सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency के अनुसार बगाएई ने यह भी संकेत दिया कि ईरान अमेरिका से बातचीत के लिए पूरी तरह बंद नहीं है. उन्होंने कहा कि जब सही और तार्किक हालात बनेंगे, तब बातचीत को एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.
US Iran War LIVE: होर्मुज में जहाज क्यों पकड़े? IRGC ने बताई वजह
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC ने दो जहाजों को जब्त करने की वजह साफ की है. बयान के मुताबिक ये जहाज बिना जरूरी अनुमति के गुजर रहे थे और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहे थे. IRGC का कहना है कि इन जहाजों ने नियमों का बार-बार उल्लंघन किया और चेतावनी के बावजूद संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ने की कोशिश की. इसके बाद कार्रवाई करते हुए दोनों जहाजों को रोककर ईरान के तट की ओर मोड़ दिया गया.
Hormuz Blockade Live Updates: होर्मुज जलडमरूमध्य में IRGC ने दो जहाजों को पकड़ा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को जब्त कर लिया. बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि ये जहाज बिना अनुमति काम कर रहे थे और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहे थे. IRGC के मुताबिक दोनों जहाजों को रोककर ईरानी जलक्षेत्र में ले जाया गया. सरकारी चैनल IRIB ने भी इस कार्रवाई को देश के अधिकारों की रक्षा से जोड़ा.
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि एक तीसरा जहाज, जो ग्रीक स्वामित्व का बताया जा रहा है, उसे भी निशाना बनाया गया और वह ईरान के तट के पास निष्क्रिय हो गया. हालांकि इस पूरी घटना की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. वहीं United Kingdom Maritime Trade Operations ने पहले जानकारी दी थी कि दो कंटेनर जहाजों पर फायरिंग हुई.
Iran War News LIVE: क्या ईरान में होने वाला है तख्तापलट? IRGC की बढ़ती पकड़ से बढ़ी हलचल
ईरान की सत्ता संरचना को लेकर नई बहस तेज हो गई है. अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी IRGC सरकारी कामकाज में अपनी पकड़ तेजी से मजबूत कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अहम फैसलों से कुछ हद तक अलग-थलग नजर आ रहे हैं. इससे सत्ता का केंद्र धीरे-धीरे सैन्य तंत्र की ओर शिफ्ट होता दिख रहा है.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ और IRGC कमांडर अहमद वाहिदी के बीच अमेरिका से बातचीत को लेकर गंभीर मतभेद हैं. यह टकराव सत्ता के अंदर बढ़ती खींचतान को दिखाता है. एनालिसिस के मुताबिक अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो ईरान की पॉलिटिकल दिशा में बड़ा बदलाव संभव है.
Iran War Live News Updates: इस्लामाबाद में बड़ी हलचल, ईरानी राजदूत और शहबाज शरीफ की सीक्रेट मीटिंग
इस्लामाबाद में बुधवार को ईरानी राजदूत रजा अमीरी मोकदम ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. यह मीटिंग ऐसे समय में हुई जब कुछ घंटे पहले ही व्हाइट हाउस ने ईरान के साथ नाजुक संघर्ष विराम को बढ़ाने पर सहमति जताई थी. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस चर्चा का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय स्थिति और शांति प्रयासों को बढ़ावा देना था. शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है. ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ईरान पर संभावित हमले को फिलहाल टाल दिया है.
शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि डिप्लोमेसी राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का एक जरिया है. उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान तभी कदम उठाएगा जब उनके राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए तार्किक आधार मौजूद होंगे. इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इस्लामाबाद दौरा भी फिलहाल के लिए टाल दिया गया है.
ईरान ने अभी तक इस सप्ताह होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पाकिस्तानी अधिकारी लगातार ईरानी पक्ष के संपर्क में हैं ताकि बातचीत का सिलसिला न टूटे. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि हमले में देरी तभी तक है जब तक ईरान कोई ठोस प्रस्ताव नहीं देता.




