बॉलीवुड एक्ट्रेस शरवरी वाघ ने यूं तो करियर की शुरुआत साल 2021 में की थी. लेकिन पहचान उन्हें साल 2024 में आई बड़ी हिट फिल्म ‘मुंज्या’ से मिली. इन दिनों ओटीटी पर उनकी ये फिल्म तहलका मचा रही है. खास बात है कि मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म ने 4 गुना ज्यादा कमाई की कर मेकर्स को खुश कर दिया था. खुद फिल्म की लीड एक्ट्रेस शरवरी भी इस फिल्म की सफलता से खुद को काफी भाग्यशाली मानती है.
नई दिल्ली.
फिल्म ‘मुंज्या’ से घर-घर पहचान बनाने वाली टैलेंटेड एक्ट्रेस शरवरी वाघ जॉन अब्राहम के साथ फिल्म ‘वेदा’ में भी नजर आई थीं. इस फिल्म में एक्ट्रेस शरवरी वाघ ने फिर से दर्शकों को अपनी एक्टिंग से हैरान कर दिया था. यूं तो शरवरी ने अपने करियर में जितना काम किया वह उससे काफी एक्साइटेड हैं. लेकिन मुंज्या में काम करने पर वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं.
‘मुंज्या’ साल 2024 की पहली हॉरर-कॉमेडी हिट हिंदी फिल्म साबित हुई है. इसमें शरवरी वाघ और अभय वर्मा ने लीड रोल निभाया है. इसके अलावा मोना सिंह और सत्यराज भी फिल्म का हिस्सा हैं. इस मूवी को ऑडियंस ने खूब पसंद किया और सिनेमाघरों में इसका जमकर लुत्फ उठाया है. इसके बाद फिल्म ने ओटीटी पर भी दर्शकों को खूब एंटरटेन किया. अब शरवरी ने कहा कि इस हॉरर कॉमेडी ने उन्हें बड़ी पहचान दी है.
खुद को भाग्यशाली मानती हैं शरवरी
शरवरी की मुंज्या थिएटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त हिट रही है. दिनेश विजान द्वारा निर्मित और आदित्य सरपोतदार द्वारा निर्देशित यह फिल्म सिनेमाघरों में 100 करोड़ के आंकडे को पार किया है. थिएटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मिले प्यार को लेकर अभिनेत्री शर्वरी ने कहा, “मैं वास्तव में भाग्यशाली हूं कि मुंज्या ने थिएटर, स्ट्रीमिंग और सैटेलाइट पर ब्लॉकबस्टर हैट्रिक बनाई है. मेरे जैसे किसी व्यक्ति के लिए अपने करियर के इस पड़ाव पर ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचना बहुत जरूरी है.’
अपनी बात आगे रखते हुए शरवरी ने कहा, ”फिल्म ‘मुंज्या’ की अविश्वसनीय सफलता की कहानी का मतलब है कि मेरा प्रदर्शन इतने सारे लोगों तक पहुंच गया है. यह मेरे करियर की शुरुआत में एक बहुत बड़ा परिणाम है और मैं अपने निर्माता दिनेश विजन और अपने निर्देशक आदित्य सरपोतदार की वास्तव में आभारी हूं कि उन्होंने मुझे ‘मुंज्या’ के लिए चुना. यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं है.
बता दें कि मुंज्या में हॉरर के साथ-साथ हल्की फुल्की कॉमेडी भी है. फिल्म ने दिखाया गया कि एक ब्राह्मण लड़के को अपने से कई साल बड़ी लड़की मुन्नी से प्यार हो जाता है और वो उससे शादी करना चाहता है. वह मुन्नी को हासिल करने के लिए काला जादू का सहारा लेता है, लेकिन उसी बीच उसकी मौत हो जाती है. इसके बाद वह ब्रह्मराक्षस बन जाता है. इस पूरी कहानी के मध्य में शरवरी को रखा गया है. यही वजह है कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनकर खुद भाग्यशाली मानती हैं.
