साल 2022 में विजय देवरकोंडा और अनन्या पांडे की फिल्म ‘लाइगर’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म का जबरदस्त प्रमोशन हुआ था. ‘लाइगर’ अनन्या पांडे की साउथ डेब्यू फिल्म थी और विजय ने इससे बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन दर्शकों ने इसे नकार दिया. एक्ट्रेस ने अपने हालिया इंटरव्यू में फिल्म की स्क्रिप्ट को रेड फ्लैग बताया है और कहा कि एक महिला के तौर पर वह सहज नहीं थीं.
नई दिल्ली.
अनन्या पांडे इन दिनों अपनी अपकमिंग वेब सीरीज ‘कॉल मी बे’ के प्रमोशन में जुटी हुई हैं. ‘कॉल मी बे’ के जरिए वह वेब सीरीज डेब्यू करने जा रही हैं. इससे पहले ओटीटी पर रिलीज हुई अनन्या पांडे की फिल्म ‘खो गए हम कहां’ को दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब सराहा था. इस फिल्म में वह अपने अभिनय से छाप छोड़ने में सफल रही थीं. इस साल अक्टूबर में एक्ट्रेस की फिल्म CTRL रिलीज के लिए तैयार है. ये फिल्म नए जेनरेशन और इंटरनेट के इर्द-गिर्द घूमती है.
अनन्या पांडे की कई फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही हैं, लेकिन साल 2022 में आई उनकी ‘लाइगर’ उनके करियर की सबसे खराब फिल्मों में से एक है. विजय देवरकोंडा के साथ उनकी इस फिल्म को
दर्शकों ने सिरे से नकार दिया था. ‘लाइगर’ से विजय देवरकोंडा ने हिंदी फिल्मों में कदम रखा था, वहीं अनन्या की ये साउथ डेब्यू फिल्म थी.
बॉक्स-ऑफिस पर ढेर हो गई थी फिल्म
100 करोड़ के मेगा बजट में बनी ये फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर ढेर हो गई थी. Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन बजट के आस-पास भी नहीं पहुंचा था. फिल्म 56.18 करोड़ का बिजनेस ही कर पाई थी. पुरी जगन्नाध के निर्देशन में बनी इस फिल्म के बारे में सुचरिता त्यागी से बात करते हुए अनन्या ने हाल ही में बताया कि जब उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी थी तो उन्हें वो रेड फ्लैग लगी थी.
स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए उठाई थी आवाज
एक्ट्रेस कहती हैं, ‘मैं जब स्क्रिप्ट पढ़ रही थी तो मुझे वो रेड फ्लैग लगी. मुझे लगा कि फिल्म के डायलॉग्स जेन-z के साथ कनेक्ट नहीं करती है. मैं लाइन पढ़कर ये सोचती थी कि कौन सा जेन-z ऐसे बात करता है. वो ठीक नहीं था एक महिला के तौर पर ये मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं बोलूं कि ये सही नहीं है’. वह आगे कहती हैं, ‘मैंने उनसे कहा कि एक महिला के तौर पर मैं ये लाइन बोलने में सहज नहीं हूं और ये लाइन सही नहीं हैं. उन्होंने फिल्म में वो बदलाव किए और मैं इस बात से खुश हूं कि मैंने अपनी आवाज उठाई’.
