केंद्र सरकार उन लोगों को हतोत्साहित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है, जिनके राजनीतिक विचार उससे मेल नहीं खाते : शरद पवार

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अरविंद केजरीवाल के समर्थन में उतरे शरद पवार, कहा- अगर दिल्ली के CM गिरफ्तार हो जाएं तो हैरत नहीं होगी

पवार ने आरोप लगाया, “इसका मतलब है कि सत्ता का दुरुपयोग करके उन लोगों को हतोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है जिनके समान राजनीतिक विचार नहीं हैं.”

शिरडी

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्व्रारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन किए जाने पर उनका समर्थन किया है. दिग्गज मराठा नेता शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार उन लोगों को हतोत्साहित करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है, जिनके राजनीतिक विचार उससे मेल नहीं खाते हैं.

गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी समन भेजा है और आशंका है कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है.

‘केजरीवाल साफ छवि वाले व्यक्ति’
शरद पवार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, लोगों ने केजरीवाल को सत्ता में भेजा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को जेल भेजा गया है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. पवार ने दावा किया, ” देश की राजधानी के मुख्यमंत्री को ED के सामने पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है. दिल्ली में हर कोई जानता है कि वह एक साफ छवि वाले एक साधारण व्यक्ति हैं. अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो आश्चर्य नहीं होगा.” पवार ने आरोप लगाया, “इसका मतलब है कि सत्ता का दुरुपयोग करके उन लोगों को हतोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है जिनके समान राजनीतिक विचार नहीं हैं.”

केजरीवाल को मिले तीन नोटिस
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय का समन मिलने के बाद उसके सामने पेश नहीं हुए थे. अरविंद केजरीवाल के कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए अब तक प्रवर्तन निदेशालय के तीन समन मिले हैं लेकिन वह पेश नहीं हुए हैं.

हो रही है सीबीआई जांच
कथित शराब घोटाला उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 से संबंधित है, जिसे पिछले साल दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा इसके कार्यान्वयन में “खामियों और अनियमितताओं” की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद केजरीवाल सरकार ने रद्द कर दिया था.