आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी के दिन व्रत करने और भगवान विष्णु के निमित्त पूजा पाठ दान आदि करने से सभी पाप खत्म होने की धार्मिक मान्यता है.
ओम प्रयास/हरिद्वार. हिंदू कैलेंडर के चौथे माह आषाढ़ का विशेष महत्व बताया गया है. आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व होता है. हिंदू कैलेंडर के चौथे महीने आषाढ़ में कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi 2023) कहते हैं. यह एकादशी 14 जून को है. योगिनी एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु के निमित्त पूजा अर्चना करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है. आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी के दिन व्रत करने और भगवान विष्णु के निमित्त पूजा पाठ दान आदि करने से सभी पाप खत्म होने की धार्मिक मान्यता है और मरणोपरांत व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता भी बताई गई है.
हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का व्रत विशेष फल देने वाला बताया गया है. हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का महत्व इसलिए भी बताया जाता है क्योंकि इस दौरान माता लक्ष्मी की विशेष कृपा उन सभी पर बनती है, जो योगिनी एकादशी का व्रत नियमानुसार करते हैं. इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु का ध्यान, भजन कर अपने व्रत का संकल्प करें. व्रत को पूरा करने वालों के ऊपर माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन की बरसात करती हैं.
भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से कई लाभ
योगिनी एकादशी का महत्व जानने के लिए हमने हरिद्वार की ज्योतिषाचार्य हेमा शुक्ला से बातचीत की. उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में सालभर में 24 एकादशी आती हैं. सभी एकादशी का विशेष महत्व होता है. विशेष रूप से एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित दिन है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने से कई लाभ होते हैं. वह बताती हैं कि साल 2023 में योगिनी एकादशी आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी 14 जून बुधवार को मनाई जाएगी. 14 जून को योगिनी एकादशी अश्विनी नक्षत्र में होगी. अश्विनी नक्षत्र वाणी से संबंधित है और भगवान विष्णु की वाणी सबसे उत्तम वाणी बताई गई है, इसीलिए भी योगिनी एकादशी का महत्व इस साल ज्यादा होगा. वहीं उनका कहना है कि योगिनी एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना, ध्यान, भजन आदि करने से माता लक्ष्मी भी उन पर प्रसन्न होती है, जिससे उन्हें अपार धन की प्राप्ति होगी.
कैसे करें पूजा
उन्होंने आगे कहा कि इस दिन व्रत करने और पूजा-पाठ आदि करने से भगवान विष्णु की कृपा सदैव उन पर बनी रहती है, जिससे वह हर दुख-दर्द, परेशानियों से दूर रहते हैं. इस व्रत को रखने के लिए व्यक्ति सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत करने का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा, अर्चना, ध्यान, भजन आदि करें. ऐसा करने से व्यक्ति पर भगवान विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी कृपा बनी रहती है.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. CRIME CAP NEWS किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)
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