‘100 सवाल पूछे, पर एक का नहीं मिला जवाब’…जयराम रमेश ने साधा PM मोदी पर निशाना

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) की रकम को अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर सवाल उठाए हैं।

नेशनल डेस्क:

 कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) की रकम को अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए। जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि अडानी महाघोटाले में पीएम की भूमिका पर हमने उनसे “HAHK-हम अडानी के हैं कौन” श्रृंखला के तहत 100 सवाल पूछे लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि और नए सवाल उठ रहे हैं। EPFO के ट्रस्टी को ये पता नहीं है कि उनके करोड़ों सदस्यों की रिटायरमेंट बचत को अभी भी अडानी के 2 फर्मों में निवेश किया जा रहा है।

अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश हो रहा पैसा

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद कई बड़े निवेशक अडानी ग्रुप के शेयरों में निवेश करने से परहेज करने लगे हैं, लेकिन इसके बाद भी एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन में डाले गए पैसे का बड़ा हिस्सा अडानी ग्रुप की दो कंपनियों में निवेश किया गया है। गौतम अडानी ग्रुप की अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स के नाम इनमें शामिल हैं. ईपीएफओ के बोर्ड के सदस्यों की एक बैठक होने वाली है जिसमें यह फैसला किया जाएगा कि गौतम अडानी ग्रुप की कंपनियों में ईपीएफओ का निवेश जारी रखा जाए या नहीं।

एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन ईपीएफओ के पास फॉर्मल सेक्टर के करीब 28 करोड़ निवेशकों का पैसा जमा है। EPFO अपने फंड का निफ़्टी फिफ्टी एक्सचेंज से जुड़े ईटीएफ में निवेश करती है। हर महीने आप के वेतन से कटकर पीएफ अकाउंट में जमा होने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा आपकी जानकारी या मंजूरी के बिना अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स जैसी कंपनियों में निवेश किया जा रहा है। EPFO सामाजिक सुरक्षा देने वाला एक संगठन है जिसके पास 13 लाख करोड़ रुपए से अधिक का फंड मौजूद है।