‘’36 लोगों की मौत के दोषी पर कार्रवाई की बजाय कलेक्टर बना दिया’’ IAS रोहित सिसोनिया के तबादले पर कांग्रेस का सवाल

सभी राज्य

Loading

मध्य प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। इसके तहत 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए। इन तबादलों को लेकर अब प्रदेश में सियासी घमासान शुरु…

इंदौर

मध्य प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। इसके तहत 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए। इन तबादलों को लेकर अब प्रदेश में सियासी घमासान शुरु हो गया है। इंदौर कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने आईएएस रोहित सिसोनिया की नई पोस्टिंग पर आपत्ति जताई है और कहा है कि सरकार ने सिसोनिया को इंदौर से हटाकर रायसेन का कलेक्टर बनाकर भागीरथपुरा के लोगों के साथ मजाक किया है।

चिंटू चौकसे ने इंदौर में दूषित पानी से 36 मौतों के मामले में कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जांच आयोग की रिपोर्ट में सिसोनिया का नाम दोषी अधिकारियों में शामिल है, इसके बावजूद उनपर कार्रवाई करने की बजाय सरकार ने उन्हें रायसेन कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी दी।

चौकसे के मुताबिक, भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को दोषी माना गया है, उनमें रोहित सिसोनिया का नाम भी शामिल है। चौकने ने कहा कि हादसे के बाद सिसोनिया को इंदौर से स्थानांतरित किया गया था। उनके निलंबन की घोषणा भी हुई थी, लेकिन निलंबन का आदेश जारी नहीं हुआ। भागीरथपुरा के पीड़ित परिवार अब जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच रोहित को रायसेन का कलेक्टर बनाकर सरकार ने पीड़ितों के साथ मजाक किया है। चौकसे ने मांग की कि रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सिसोनिया के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

इसके साथ ही चिंटू चौकसे ने इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े के तबादले पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परीक्षित झाड़े ने सरकार के निर्देंशों के हिसाब से काम किया। उन्होंने राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान छात्रों की गूंज कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्राधिकरण के मैदान के लिए 4 दिन के लिए 14 लाख रुपए किराया लिया था, जबकि उसी जमीन पर पटाखा कारोबारियों से 1 महीना दुकान चलाने के लिए महज 4 लाख रुपए लिए जाते हैं। चौकसे ने आरोप लगाया कि झाड़े ने यह सब सरकार के इशारों पर किया। अब उनको शाजापुर का कलेक्टर बनाया गया है।