ममता बनर्जी ने गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और पिछले यूपीए सरकार की तारीफ की. केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और निजीकरण पर निशाना साधते हुए उन्होंने मनमोहन सिंह के दौर की याद दिलाई है.
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने महंगाई और गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा. उन्होंने आशंका जताते हुए दावा किया है कि केंद्र सरकार आने वाले समय में महंगाई का बोझ और बढ़ाने जा रही है. अपने बयान में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए (UPA) सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए मौजूदा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की. ममता बनर्जी ने कहा, “वे (केंद्र सरकार) कीमतें बढ़ाने जा रहे हैं. उन्होंने तो देश को ही बेच दिया है… मुझे मनमोहन सिंह की सरकार का समय याद है, जब गैस की कीमत 400 रुपये थी; अब यह बढ़कर 1100 रुपये हो गई है.”
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और जनगणना के नाम पर ‘लोगों की नागरिकता छीनने’ की योजना बना रही है. बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र जारी होने के दौरान प्रेसवार्ता में दावा किया कि चुनाव से पहले राज्य में ‘अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन’ लागू कर दिया गया है. उन्होंने दावा किया, ‘केंद्र सरकार चुनाव के बाद एनआरसी और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीनने की योजना बना रही है.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहना चाहिए. बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर, भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए परिसीमन कवायद की योजना बना रही है. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाया कि उसने चुनाव से पहले भाजपा के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य के अधिकारियों का तबादला कर दिया है.
तृणमूल प्रमुख ने कहा, ‘निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर अधिकारियों का तबादला कर रहा है, ताकि चुनाव से पहले बंगाल में धन और हथियारों की तस्करी की जा सके.’ उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्रवाई के परिणामस्वरूप प्रभावी रूप से ‘अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन’ लागू हो गया है. मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘निर्वाचन आयोग और केंद्र ने बंगाल में अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है, क्योंकि भाजपा जानती है कि वह चुनाव में हार जाएगी.’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर कवायद में एक विशेष समुदाय के लोगों को अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना है कि विचाराधीन लगभग 60 लाख मामलों में से लगभग 22 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है और लगभग 10 लाख नाम सूची से हटा दिए गए हैं. हमें इन आंकड़ों की दोबारा जांच करनी होगी.’
