बहराइच Violence: बेटी जिंदा जल रही थी! मजबूर पिता रोते रहे..झरोखे से झांकते रहे, बहराइच हिंसा की दर्दनाक कहानी

उत्तरप्रदेश

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Bahraich Violence: बहराइच में मूर्ति विसर्जन के दौरान कई घरों में तोड़फोड़ हुई. कलीम के घर को तोड़ने के बाद उनकी बेटी को जिंदा जलाया जा रहा था. जानें पूरा मामला.

 

बहराइच

 

बहराइच में मूर्ति विसर्जन के दौरान जो कुछ भी हुआ, वो दिल दहला देने वाला था. दर्जनों दुकान, मकान, घरों को तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना में गांव के बहुत से लोग शिकार हुए. घरों में घुसकर उपद्रवियों ने पूरे के पूरे घर जला दिए. घर ही नहीं कलीम की तो बेटी को भी जिंदा जलाने की कोशिश हुई. उन्होंने  घटना के बारे में मीडिया को बताया.

गांव वालों ने सुनाई आपबीती
ग्रामीणों का कहना है कि जिस वक्त इस घटना को अंजाम दिया जा रहा था. पुलिस प्रशासन भी मौन बना हुआ था. गांव के लोगों ने बताया कि अब खाने-पीने को लाले पड़े हुए हैं. घरों के सामान के साथ अनाज को भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया है. गांव में हर तरफ पुलिस तैनात है. आना-जाना भी बंद है.

बहराइच के रहने वाले कलीम रोते हुए कहते हैं, ‘मेरी लड़की को जलाया जा रहा था. मेरी ही आंखों के सामने. मेरी ही मोटरसाइकिल से पंप निकाला और आग लगा दी.’ चाहकर भी वो अपनी बेटी को नहीं बचा पा रहे थे. दूर से देख रहे. पर आखिर में उन्होंने अपनी लाडली को बचा ही लिया.  आर्टिकल में लगे वीडियो में वो पूरी घटना के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रशासन कर रहा है मदद
घटना में हुए नुकसान में प्रशासन राहत सामग्री के रूप में अब लैय्या, चावल, आटा वितरण कराने का काम कर रहा है. कुछ परिवारों का कहना है, ‘बच्चे तीन दिन से भूखे हैं. राहत सामग्री से कुछ काम तो चल जाएगा. लेकिन समस्या हल नहीं होगी.’

 

नगर पालिका हटा रही मलबा
घटना में जले मलबे की नगर पालिका साफ-सफाई करवा रही है. जिसके लिए नगर पालिका के लगभग 50 सफाई कर्मचारियों को लगाया गया है.पालिका के सफाई अधिकारी खुद मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाले हुए हैं. घटित क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग अपने ही घरों में कैद नजर आ रहे है. बाजार में हर तरह पुलिस बल की तैनाती की गई है. लगातार पीएसी बल प्रभावित इलाके में गश्त कर रही है.