राजनीतिक भाषण के लिए क्यों किया जा रहा सरकारी मंच का उपयोग? कांग्रेस ने पीएम मोदी पर किया पलटवार

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में पूछा कि प्रधानमंत्री  को राजनीतिक भाषण देने और विपक्ष पर हमला करने के लिए सरकारी मंच और कार्यक्रम का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा राजनीतिक भाषणों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए

नई दिल्ली

 

कांग्रेस ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक भाषणों के लिए नहीं किया जा सकता है और न ही किया जाना चाहिए। विपक्षी पार्टी की ओर से यह प्रतिक्रिया तब आई है, जब मोदी ने महाराष्ट्र के लिए विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करते हुए कांग्रेस पर हमला किया।

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के एक दिन पीएम मोदी ने विपक्षी पार्टी को ‘असामाजिक’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदुओं को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंन कहा, कांग्रेस एक ऐसा कारखान है, जो नफरथ फैलाने का काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) महाराष्ट्र को कमजोर करना चाहती है, जबकि उनकी सरकार राज्य को मजबूत बनाने का काम कर रही है। उन्होंने राज्य के लिए 7,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
वहीं, कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में पूछा, प्रधानमंत्री को राजनीतिक भाषण देने और विपक्ष पर हमला करने के लिए सरकारी मंच और कार्यक्रम का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा राजनीतिक भाषणों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए और मोदी को इसके लिए भाजपा के मंच का उपयोग करना चाहिए।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत देश की भावना बताती है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हमें एक बड़ी जीत हासिल करनी है। महाराष्ट्र की 288 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए अगले महीने चुनाव हो सकते हैं। मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र ने पहले कभी इतनी तेजी से विकास परियोजनाओ का अनुभवन नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय में भ्रष्टाचार की गति और पैमाने की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा, कांग्रेस एक गैर जिम्मेदार पार्टी है और वह नफरत फैलाने का एक कारखाना है। कांग्रेस विकास और विरासत की चिंता नहीं करती है, जबकि हम दोनों पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य एक विकसित भारत का है, जिसमें गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं का विकास शामिल है।