कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम बहुत बड़ा, कवर अप उससे भी बड़ा: राहुल गांधी

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कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम बहुत बड़ा, कवर अप उससे भी बड़ा: राहुल गांधी

राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम काफ़ी बड़ा है लेकिन उसका कवर-अप इससे भी ज़्यादा बड़ा है.

कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.

राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा है, “बिटकॉइन स्कैम काफ़ी बड़ा है लेकिन उसका कवर-अप इससे भी ज़्यादा बड़ा है. क्योंकि ये किसी के झूठे और बहुत बड़े ईगो को कवर अप करने के लिए है.”

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कांग्रेस पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने छह सवाल रखकर पूछा है कि जब ये स्कैम हुआ तब उसमें राज्य के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई की क्या भूमिका थी जो उस वक़्त राज्य के गृह मंत्री थे.

अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा, “हिंदुस्तान का आजतक का सबसे बड़ा बिटकॉइन घोटाला जिसके तार अंतराष्ट्रीय 14-15 मुल्कों में जुड़े हैं, वो घोटाला सामने आ गया है. हेरा-फेरी, सबूतों को दबाने की साज़िश, हर चीज़ पर पर्दा डालने का षड्यंत्र, षड्यंत्रकारी कोशिशें सत्ताधारियों के द्वारा कीं जा रहीं हैं.”

उन्होंने पूछा है कि जब बिट कॉइन चुराए गए तो इंटरपोल को सूचना क्यों नहीं दी गयी.

सुरजेवाला ने इस मामले में पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हालिया अमेरिकी दौरे में एफबीआई ने उन्हें इस घोटाले के बारे में जानकारी दी है.

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उन्होंने कहा, “यह अकेले मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा अपराध नहीं है, यह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है. यह देखते हुए कि इस जांच में कितनी ढील बरती गयी है. मुझे नहीं लगता कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) या कर्नाटक पुलिस उचित काम कर सकती है. इस वजह से हम मांग करते हैं कि एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया जाना चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निगरानी की जानी चाहिए जो इस मामले की जांच करे और सच्चाई सामने लाए.”

इसके साथ ही उन्होंने इसे एक बहु-देशीय जांच बताते हुए कहा है कि “सच्चाई सामने आनी चाहिए. सरकार या तो मिलीभगत कर रही है या घटिया तरीके से जांच कर रही है. बासवाराज बोम्मई की प्रतिष्ठा और उनके राजनीतिक करियर और प्रतिष्ठा पर संदेह जताया जा रहा है. इसलिए उन्हें इसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी गठित करने के लिए सरकार को पत्र लिखना चाहिए.”

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