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युवा ऑलराउंडर नमन धीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 मुकाबले में इतिहास रच दिया है. उन्होंने नंबर 7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिससे इरफान पठान का पुराना रिकॉर्ड टूट गया. धीर ने मुश्किल समय में क्रीज पर उतरकर नाबाद 42 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत को रोमांचक जीत दिलाई. उनकी इस शानदार और डॉट-बॉल रहित पारी ने साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल सितारे हैं.
नई दिल्ली.
भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी रोमांचक रन चेज का जिक्र होता है, तो मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो जाता है. ऐसे ही एक नए और साहसी सितारे के रूप में उभरे हैं स्टार ऑलराउंडर नमन धीर. गुरुवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सांस रोक देने वाले टी-20 मुकाबले में नमन धीर ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था. उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए नंबर 7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर इरफान पठान के वर्ष 2009 में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ बनाए गए नाबाद 33 रनों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
जब नमन धीर (Naman Dhir) मैदान पर क्रीज पर कदम रखने आए, तब भारतीय टीम बेहद दबाव में थी. भारत ने 167 रनों पर अपने 5 अहम विकेट गंवा दिए थे और जीत के लिए 33 गेंदों में 59 रनों की कठिन चुनौती सामने थी. ऐसे में मैच पूरी तरह से अधर में लटका हुआ था और भारतीय प्रशंसकों की सांसें थमी हुई थीं. लेकिन नमन धीर के इरादे कुछ और ही थे. उन्होंने क्रीज पर आते ही दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और पहली ही गेंद से स्ट्राइक रोटेट करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया.

हर गेंद पर किया प्रहार, 15 गेंदों का रोमांचक सफर
नमन धीर की इस पारी की सबसे खास और हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक भी ‘डॉट बॉल’ नहीं खेली. यानी उन्होंने हर गेंद पर रन बटोरा और कीवी गेंदबाजों के सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया. उनकी पारी की शुरुआत बेहद संयमित तरीके से हुई. पहली गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने अपना खाता खोला और दूसरी गेंद पर फिर 1 रन बनाकर स्ट्राइक रोटेट की. इसके बाद तीसरी गेंद पर उन्होंने सूझबूझ से 2 रन बटोरे. चौथी गेंद पर नमन ने अपने तेवर दिखाए और एक गगनचुंबी छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए. अगली ही यानी पांचवीं गेंद पर उन्होंने एक शानदार चौका जमाया. छठी और सातवीं गेंद पर एक-एक रन लेकर उन्होंने भारतीय पारी की गति को बनाए रखा.
नमन धीर की इस पारी की सबसे खास और हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने अपनी 15 गेंदों की पारी में एक भी ‘डॉट बॉल’ नहीं खेली. यानी उन्होंने हर गेंद पर रन बटोरा और कीवी गेंदबाजों के सभी मंसूबों पर पानी फेर दिया. उनकी पारी की शुरुआत बेहद संयमित तरीके से हुई. पहली गेंद पर सिंगल लेकर उन्होंने अपना खाता खोला और दूसरी गेंद पर फिर 1 रन बनाकर स्ट्राइक रोटेट की. इसके बाद तीसरी गेंद पर उन्होंने सूझबूझ से 2 रन बटोरे. चौथी गेंद पर नमन ने अपने तेवर दिखाए और एक गगनचुंबी छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए. अगली ही यानी पांचवीं गेंद पर उन्होंने एक शानदार चौका जमाया. छठी और सातवीं गेंद पर एक-एक रन लेकर उन्होंने भारतीय पारी की गति को बनाए रखा.
आठवीं, नौवीं और दसवीं गेंद नमन धीर के तूफान का मुख्य केंद्र बनीं, जहां उन्होंने लगातार तीन करारे चौके जड़कर मैच का पासा पलट दिया. ग्यारहवीं गेंद पर 2 रन चुराने के बाद बारहवीं गेंद पर उन्होंने 1 रन लिया. तेरहवीं गेंद पर एक और बेमिसाल चौका मारते हुए उन्होंने भारत को जीत के बिल्कुल मुहाने पर ला खड़ा किया. चौदहवीं गेंद पर 1 रन लेने के बाद, पंद्रहवीं गेंद पर नमन ने मैलविंस की तरह ऐसा धमाकेदार छक्का जड़ा जिसने पूरे स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया. इस तरह वह मात्र 15 गेंदों में 42 रन बनाकर नाबाद लौटे.

कीवी गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
अपनी इस छोटी मगर बेहद असरदार पारी में नमन धीर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर बरसे. खासकर 17वें ओवर में उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान और अनुभवी स्पिनर मिचेल सेंटनर को निशाने पर लिया. उस ओवर में नमन ने एक छक्का और एक चौका जड़कर मैच के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया और भारत को जीत के लिए आखिरी 18 गेंदों में 29 रनों की दरकार रह गई.
अपनी इस छोटी मगर बेहद असरदार पारी में नमन धीर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर बरसे. खासकर 17वें ओवर में उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान और अनुभवी स्पिनर मिचेल सेंटनर को निशाने पर लिया. उस ओवर में नमन ने एक छक्का और एक चौका जड़कर मैच के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया और भारत को जीत के लिए आखिरी 18 गेंदों में 29 रनों की दरकार रह गई.
इसके बाद 18वें ओवर में उन्होंने नाथन स्मिथ की आखिरी दो गेंदों पर लगातार दो चौके जमाकर लक्ष्य को और छोटा कर दिया. अब आखिरी 12 गेंदों में भारत को महज 16 रनों की जरूरत थी. हालांकि, 19वें ओवर की पहली ही गेंद पर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का विकेट गिर गया, जिससे एक पल के लिए मुकाबले में फिर से रोमांच आ गया. लेकिन क्रीज पर मौजूद नमन धीर ने अपना आपा नहीं खोया और बेहद शांत दिमाग से बल्लेबाजी करते हुए मैट हेनरी की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर भारत को यादगार जीत दिला दी.
इंटरनेशनल करियर का धमाकेदार आगाज
नमन धीर के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का यह सफर अब तक किसी सपने जैसा रहा है. यह उनके टी-20 करियर की महज 5वीं पारी थी और इतने कम समय में ही उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ दी है. अब तक खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 40 की बेहतरीन औसत और 285.72 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट के साथ 80 रन बनाए हैं. इतना ही नहीं, अपनी ऑलराउंड क्षमता का परिचय देते हुए उन्होंने 4 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 5 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए हैं.
नमन धीर के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का यह सफर अब तक किसी सपने जैसा रहा है. यह उनके टी-20 करियर की महज 5वीं पारी थी और इतने कम समय में ही उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ दी है. अब तक खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 40 की बेहतरीन औसत और 285.72 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट के साथ 80 रन बनाए हैं. इतना ही नहीं, अपनी ऑलराउंड क्षमता का परिचय देते हुए उन्होंने 4 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 5 महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए हैं.
टी-20 में धमाल मचाने से पहले नमन धीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज से अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उन्होंने उस सीरीज के तीनों वनडे मुकाबले खेले थे. भले ही उन्हें बल्ले से ज्यादा मौके नहीं मिले और उन्होंने एक पारी में 30 रन बनाए, लेकिन अपनी कसी हुई गेंदबाजी से उन्होंने सभी को प्रभावित किया था. तीन वनडे पारियों में उन्हें भले ही 1 विकेट मिला हो, लेकिन उनकी किफायती गेंदबाजी ने चयनकर्ताओं और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था.
