Jamshedpur Public Liked Drishyam: गांधी जयंती पर रिलीज हुई ‘दृश्यम द कंक्लूजन’ को दर्शकों ने ‘फुल पैसा वसूल’ बताया. जमशेदपुर के मिराज सिनेमा में पब्लिक ने फिल्म के सस्पेंस और अजय देवगन की एक्टिंग की तारीफ की. हॉल से निकलने वाले दर्शकों ने फिल्म के सस्पेंस और थ्रिलर की तारीफ की.
जमशेदपुर
2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के मौके पर बॉलीवुड के दीवानों के लिए भी दिन खास रहा. बहुचर्चित फिल्म दृश्यम द कंक्लूजन रिलीज होते ही दर्शकों में जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिली. जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित मिराज सिनेमा में लोकल 18 की टीम ने फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के बाद बाहर निकल रही पब्लिक से फिल्म का रिव्यू लिया. किसी ने इसे फुल पैसा वसूल बताया तो किसी ने कहा कि फिल्म के सस्पेंस ने आखिरी तक सीट से उठने नहीं दिया.
अब क्या होने वाला है
फिल्म देखकर निकलीं मिनी ने कहा कि फिल्म काफी एंटरटेनिंग है. सबसे खास बात यह है कि फिल्म का सीक्रेट आखिर तक आसानी से समझ नहीं आता. उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म के दौरान दिमाग में यही चलता रहता है कि अब आगे क्या होने वाला है.
फिल्म देखकर निकलीं मिनी ने कहा कि फिल्म काफी एंटरटेनिंग है. सबसे खास बात यह है कि फिल्म का सीक्रेट आखिर तक आसानी से समझ नहीं आता. उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म के दौरान दिमाग में यही चलता रहता है कि अब आगे क्या होने वाला है.
रोहन ने फिल्म की कहानी को लेकर कहा कि इसमें एक बात साफ नजर आती है कि आप जिस तरह की कहानी लोगों के सामने रखते हैं, लोग कई बार उसी को सच मानने लगते हैं. उनके मुताबिक यह दृश्यम सीरीज का काफी बेहतरीन हिस्सा लगा.
आखिरी तक पता नहीं चलता सच
सीता ने बताया कि फिल्म का पहला हाफ कहानी को धीरे-धीरे बिल्ड करता है, लेकिन असली मजा अंत में आता है. उन्होंने कहा कि फिल्म खत्म होने तक यह पता लगाना मुश्किल रहा कि आखिर हत्या किसने की और पूरा मामला किस दिशा में जाने वाला है. उनके मुताबिक फिल्म काफी गजब की बनी है.
सीता ने बताया कि फिल्म का पहला हाफ कहानी को धीरे-धीरे बिल्ड करता है, लेकिन असली मजा अंत में आता है. उन्होंने कहा कि फिल्म खत्म होने तक यह पता लगाना मुश्किल रहा कि आखिर हत्या किसने की और पूरा मामला किस दिशा में जाने वाला है. उनके मुताबिक फिल्म काफी गजब की बनी है.
धनंजय ने तो सीधे कह दिया कि पार्ट वन और पार्ट टू से भी बेहतर पार्ट 3 लगी. उन्होंने कहा कि सस्पेंस और कहानी की वजह से इसे एक बार जरूर देखना चाहिए.
एक पल के लिए नहीं झपकती आंख
पूजा ने फिल्म को लेकर कहा कि यह अब तक देखी गई फिल्मों में उनके लिए सबसे सुपर डुपर हिट फिल्मों में से एक है. वहीं राजीव ने सेकंड हाफ की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म में ऐसा सस्पेंस है कि अगर एक पल के लिए भी आंख झपक गई तो पता नहीं चलेगा कि कहानी कहां से कहां पहुंच गई.
पूजा ने फिल्म को लेकर कहा कि यह अब तक देखी गई फिल्मों में उनके लिए सबसे सुपर डुपर हिट फिल्मों में से एक है. वहीं राजीव ने सेकंड हाफ की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म में ऐसा सस्पेंस है कि अगर एक पल के लिए भी आंख झपक गई तो पता नहीं चलेगा कि कहानी कहां से कहां पहुंच गई.
फुल पैसा वसूल
मनोज ने फिल्म को सस्पेंस, थ्रिलर और फुल पैसा वसूल बताया. वहीं त्रिवेणी ने अजय देवगन की एक्टिंग की तारीफ करते हुए मजेदार अंदाज में कहा कि अभी तक सिर्फ सुना था कि अजय देवगन आंखों से भी एक्टिंग कर लेते हैं, लेकिन इस फिल्म में इसे सच में देख लिया. खासकर कोर्ट रूम के सीन में जिस तरह उन्होंने बड़े-बड़े वकीलों को अपनी चाल में उलझाया, वह देखने लायक रहा.
मनोज ने फिल्म को सस्पेंस, थ्रिलर और फुल पैसा वसूल बताया. वहीं त्रिवेणी ने अजय देवगन की एक्टिंग की तारीफ करते हुए मजेदार अंदाज में कहा कि अभी तक सिर्फ सुना था कि अजय देवगन आंखों से भी एक्टिंग कर लेते हैं, लेकिन इस फिल्म में इसे सच में देख लिया. खासकर कोर्ट रूम के सीन में जिस तरह उन्होंने बड़े-बड़े वकीलों को अपनी चाल में उलझाया, वह देखने लायक रहा.
सीट से बांधे रखा
कुल मिलाकर मिराज सिनेमा से बाहर निकलती पब्लिक के चेहरे पर फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट साफ दिखा. किसी को सस्पेंस पसंद आया तो किसी को कोर्ट रूम ड्रामा, लेकिन ज्यादातर दर्शकों के रिव्यू में एक बात कॉमन रही- फिल्म ने आखिरी तक सस्पेंस बनाए रखा और दर्शकों को सीट से बांधे रखा.
कुल मिलाकर मिराज सिनेमा से बाहर निकलती पब्लिक के चेहरे पर फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट साफ दिखा. किसी को सस्पेंस पसंद आया तो किसी को कोर्ट रूम ड्रामा, लेकिन ज्यादातर दर्शकों के रिव्यू में एक बात कॉमन रही- फिल्म ने आखिरी तक सस्पेंस बनाए रखा और दर्शकों को सीट से बांधे रखा.
