गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से अब तक आठ लोगों की मौत, 25 अभी भी भर्ती; 10 की हालत गंभीर

गुजरात

गुजरात के भावनगर में नकली शराब पीने से 61 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें आठ की मौत हो गई। 10 मरीज आईसीयू में हैं। जांच में शराब में 38.59 प्रतिशत जहरीला मेथनॉल मिला। मामला स्टेट मॉनिटरिंग सेल को सौंपा गया है।

भावनगर

गुजरात के भावनगर जिले में नकली शराब के सेवन से अब तक 61 लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें आठ लोगो की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 10 मरीज गंभीर हालत में हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को दी।

कितने लोगो को गिरफ्तार किया गया? 
जिला प्रशासन ने बताया कि मेथनॉल युक्त शराब का सेवन करने वाले 25 लोग अभी भी इलाज करा रहे हैं। मेथनॉल एक अत्यंत विषैला पदार्थ है। वर्तेज पुलिस स्टेशन में जहरीली शराब त्रासदी के संबंध में दर्ज एफआईआर में नामजद 21 आरोपियों में से 13 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात एक ‘शुष्क’ राज्य है, जहां शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन प्रतिबंधित है।

जिला प्रशासन कार्यालय ने क्या बताया?  
जिला प्रशासन कार्यालय ने बताया, ‘कुल 61 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 25 का अभी भी इलाज चल रहा है। शराब का सेवन करने वाले 18 अन्य लोग अस्पताल पहुंचे । डॉक्टरों की सलाह लेने के बाद चले गए।’ जिन लोगों का इलाज चल रहा है, उनमें से 15 की हालत स्थिर है, जबकि10 मरीज आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में हैं, जिनमें से एक वेंटिलेटर पर है। 10 अन्य लोगों को अब तक छुट्टी दे दी गई है।

पुलिस ने क्या बताया? 
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों ने एक लोकप्रिय भारतीय निर्मित विदेशी शराब ब्रांड के नाम वाली बोतलों में पैक की गई नकली शराब का सेवन किया। आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, मिलावट और भारतीय न्याय संहिता एवं निषेध अधिनियम के तहत जहर मिलाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय अदालत ने गुरुवार को उन्हें 10 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

क्या आरोप है? 
इस मामले की जांच गुजरात पुलिस की विशेष इकाई, स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) को सौंप दी गई है, जो राज्य भर में अवैध शराब और जुए के संचालन पर नजर रखती है। आरोप है कि अवैध शराब वर्तेज निवासी गौतम सोलंकी के घर पर रईस की मदद से तैयार की गई थी, जिसे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था। जहरीली शराब को बोतलों में भरकर सीलबंद कर दिया गया। अवैध शराब विक्रेताओं को वितरण के लिए भेज दिया गया।

क्या है मामला? 
यह मामला तब सामने आया जब तीन दोस्तों ने 16 अगस्त की रात को वर्तेज में शराब का सेवन किया, लेकिन सभी बीमार पड़ गए। उनमें से एक की मौत हो गई। पहले पीड़ित उपेंद्रसिंह गोहिल के रक्त के नमूने की जांच में मेथनॉल की उपस्थिति पाई गई।
इसके बाद और भी मौतें हुईं और कई लोगों को गंभीर जटिलताओं के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, शराब में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल और 0.94 प्रतिशत इथेनॉल मौजूद था।

सोलंकी रईस के संपर्क में कैसे आया? 
सोलंकी ने पुलिस को बताया कि वह एक साझा मित्र के माध्यम से रईस के संपर्क में आया था। 19 अगस्त को वर्तेज पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, रईस और उज्जैन के उसके सहायक जुबेर ने अहमदाबाद से कच्चा माल मंगवाया और सोलंकी के घर पर जहरीली शराब तैयार की।

उन्होंने मध्य प्रदेश के ही रहने वाले नरेंद्र यादव को भी इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया। पुलिस ने बाद में बताया कि यादव की मौत खुद से तैयार की गई शराब पीने के बाद हुई। एसएमसी के पुलिस अधीक्षक मयूरसिंह चावड़ा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मध्य प्रदेश और दिल्ली में भी टीमें भेजी गई हैं, जहां से संभवत कच्चा माल गुजरात को भेजा जाता था।

 

उन्होंने कहा, ‘इस बात की भी जांच चल रही है कि बोतल सील करने का उपकरण कहां से आया और किसने इसकी आपूर्ति की।’ उन्होंने आगे कहा कि आरोपी सबूतों को नष्ट करने में भी शामिल थे और उनके रिश्तेदारों ने उनकी मदद की थी।