लाल किले से युवाओं के लिए PM मोदी के बड़े ऐलान, 1 करोड़ लोगों को AI स्किल और मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

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पीएम मोदी ने अगले एक साल में एक करोड़ लोगों को AI की ट्रेनिंग देने, छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार करने और 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव और स्कूल स्तर पर टैलेंट हंट अभियान चलाने की घोषणा की।

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत और इस विकास यात्रा का सबसे बड़ा लाभार्थी बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार किया जाएगा। पीएम मोदी ने अगले एक साल में एक करोड़ लोगों को AI की ट्रेनिंग देने, छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार करने और 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव और स्कूल स्तर पर टैलेंट हंट अभियान चलाने की घोषणा की।

विकसित भारत के केंद्र में युवा

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा का सबसे बड़ा साधक और लाभार्थी देश का युवा ही है। पीएम मोदी ने युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रतिभा और सपनों को संसाधनों की कमी के कारण रुकना न पड़े। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि सरकार सुधारों को लगातार आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में काम करती रहेगी।

एक साल में एक करोड़ लोगों को AI स्किल

लाल किले से प्रधानमंत्री ने AI को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्किल देने के लिए काम किया जाएगा। पीएम ने कहा कि भारत का युवा केवल AI की दुनिया में भागीदार बनकर न रहे, बल्कि इस क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता भी विकसित करे। तेजी से बदलती तकनीक और रोजगार के नए स्वरूप को देखते हुए AI आधारित स्किल को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का बनेगा नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आज कई परिवारों को लगता है कि बच्चों को कोचिंग नहीं मिली तो वे प्रतियोगिता में पीछे रह जाएंगे। इसी सोच को बदलने के लिए सरकार मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगी। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन पहुंचाने की योजना है।

नई शिक्षा नीति से बढ़े अवसर

पीएम मोदी ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए नई शिक्षा नीति को युवाओं के लिए नए अवसरों का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछले वर्षों में संस्थानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले की तुलना में अब बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय जुड़े हैं और मेडिकल शिक्षा में भी सीटों का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से भी युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए विकल्प तैयार हो रहे हैं।

खेलों में भारत की बढ़ती मौजूदगी

प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक खेल मंच पर अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है और भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों के कारण दुनिया के कई पोडियम पर भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है। उन्होंने TOPS योजना, खेलो इंडिया गेम्स, खेल प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स मेडिसिन और अन्य सुविधाओं के विस्तार को खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत 2036 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के तौर पर आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करेगा।

जिन खेलों में भारत पीछे है, वहां भी प्रतिभा तलाशने का लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेल और लगभग 350 स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन भारत इनमें से कई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाता। उन्होंने कहा कि अब सरकार उन खेलों पर भी ध्यान देगी, जिनमें भारतीय खिलाड़ी अभी वैश्विक स्तर पर पर्याप्त मौजूदगी नहीं बना पाए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रयास होगा कि भारतीय युवा ज्यादा से ज्यादा खेलों में दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा दिखाएं। इसके लिए प्रशिक्षण और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

5 से 15 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट

खेल प्रतिभाओं की शुरुआती पहचान के लिए 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के बीच गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाने की घोषणा की गई। इस अभियान के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपी प्रतिभाओं को खोजा जाएगा। पहचान के बाद इन बच्चों को प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के लिए विशेष कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसी बच्चे की प्रतिभा केवल इसलिए पीछे न रह जाए क्योंकि उसे उचित संसाधन या अवसर नहीं मिल पाया।

स्टार्टअप और स्किल से युवाओं को नई ताकत

प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और सस्ते डेटा को युवाओं के लिए बदलते अवसरों से जोड़ा। उन्होंने युवाओं से नए सपने देखने और उद्यमिता की दिशा में आगे आने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ अपना कारोबार शुरू करने के रास्ते भी खुले हैं।