गुजरात में बिजली के खंभों के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने अहमदाबाद से गांधीनगर तक ट्रैक्टर रैली निकाली। कांग्रेस और आप ने इस किसान अधिकार यात्रा का समर्थन किया। किसानों ने कर्ज माफी और उचित मुआवजा जैसी कई मांगें सरकार के सामने रखीं।
अहमदाबाद
गुजरात में किसानों ने बिजली के खंभों के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। सोमवार को सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ अहमदाबाद से गांधीनगर की ओर बढ़े। इस ‘किसान अधिकार यात्रा’ का आयोजन कांग्रेस और विभिन्न किसान यूनियनों ने किया। यह रैली अहमदाबाद के शांतिपुरा चौकड़ी से शुरू हुई और राज्य की राजधानी गांधीनगर तक गई। किसानों ने अपने श्रम और विरोध के प्रतीक के रूप में हल भी उठाए हुए थे। आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस रैली में शामिल होकर किसानों का समर्थन किया।
कांग्रेस विधायक ने क्या कहा?
गांधीनगर पहुंचकर किसानों की एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। कांग्रेस विधायक तुषार चौधरी ने बताया कि किसानों की कई मांगें हैं। इनमें कर्ज माफी, फसलों का पूरा समर्थन मूल्य मिलना और निजी बिजली कंपनियों की मनमानी रोकना शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां किसानों को भरोसे में लिए बिना और उचित मुआवजा दिए बिना उनके खेतों में बिजली के खंभे लगा रही हैं। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने दावा किया कि राज्य में किसानों की हालत बहुत खराब है और उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज अदाणी और अन्य कंपनियों के बिजली के खंभे जबरन किसानों के खेतों में लगाए जा रहे हैं।
रैली में अमित चावड़ा, तुषार चौधरी, लोकसभा सांसद गेनीबेन ठाकोर, सेवा दल के अध्यक्ष लालजी देसाई और पाल अंबालिया जैसे कई कांग्रेस नेता शामिल हुए। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने भी रैली में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि वे पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खड़े हैं और उनके हक के लिए लड़ेंगे।
