अजमेर में पूर्व सरपंच और उसके परिवार के चार लोगों की हत्या कर उनको जला दिया गया. इस घटना ने रिश्तों की मर्यादा तार-तार कर दी. अपनों की ‘अपनों’ के प्रति रंजिश ऐसा खूनी रूप लेगी किसी ने सोचा भी नहीं था. जानें कैसे अजमेर केस ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया.
पहले हत्या, फिर हादसे का रूप देने की कोशिश
जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात पहले राम सिंह को शराब पिलाई गई. इसके बाद सोते समय उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया. इसी दौरान घर में मौजूद दूसरे लोग भी जाग गए. पुलिस के मुताबिक इसके बाद एक-एक कर चार लोगों की हत्या कर दी गई. वारदात के बाद शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में रखा गया. ट्रैक्टर से डीजल निकालकर गाड़ी पर डाला गया और वाहन को गांव से दूर ले जाकर आग लगा दी गई, ताकि पूरा मामला हादसा लगे. हालांकि पुलिस को शुरुआत से ही कुछ बातें संदिग्ध लग रही थीं. जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो सुरज्ञान देवी का शव वाहन के बाहर मिला. उनके शरीर पर चोटों के निशान भी थे. यहीं से पुलिस का शक गहराया और मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ गया.
जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात पहले राम सिंह को शराब पिलाई गई. इसके बाद सोते समय उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया. इसी दौरान घर में मौजूद दूसरे लोग भी जाग गए. पुलिस के मुताबिक इसके बाद एक-एक कर चार लोगों की हत्या कर दी गई. वारदात के बाद शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में रखा गया. ट्रैक्टर से डीजल निकालकर गाड़ी पर डाला गया और वाहन को गांव से दूर ले जाकर आग लगा दी गई, ताकि पूरा मामला हादसा लगे. हालांकि पुलिस को शुरुआत से ही कुछ बातें संदिग्ध लग रही थीं. जब जांच टीम मौके पर पहुंची तो सुरज्ञान देवी का शव वाहन के बाहर मिला. उनके शरीर पर चोटों के निशान भी थे. यहीं से पुलिस का शक गहराया और मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ गया.
रिश्तों का ऐसा अंत जिसने सभी को डरा दिया
पुलिस ने मामले में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है. वहीं नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह भेजा गया है. पुलिस अब भी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है. गांव के लोग अब भी यही कह रहे हैं कि ऐसी दुश्मनी तो गैरों में भी कम देखने को मिलती है. जिन रिश्तों को सबसे सुरक्षित माना जाता है, वही रिश्ते इस मामले में सबसे खौफनाक रूप में सामने आए. अजमेर का यह मामला अब सिर्फ चार हत्याओं का नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों, अंदर जमा गुस्से और परिवार के भीतर पनपी खामोश लड़ाई की कहानी बन गया है.
पुलिस ने मामले में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है. वहीं नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह भेजा गया है. पुलिस अब भी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है. गांव के लोग अब भी यही कह रहे हैं कि ऐसी दुश्मनी तो गैरों में भी कम देखने को मिलती है. जिन रिश्तों को सबसे सुरक्षित माना जाता है, वही रिश्ते इस मामले में सबसे खौफनाक रूप में सामने आए. अजमेर का यह मामला अब सिर्फ चार हत्याओं का नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों, अंदर जमा गुस्से और परिवार के भीतर पनपी खामोश लड़ाई की कहानी बन गया है.
