NEET Row: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन सवाल पूछे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि बार-बार पेपर लीक के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा है।
नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद वह धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से क्यों नहीं हटा रहे हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, ‘नीट 2024: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई जांच बैठाई गई। एक समिति बनाई गई। नीट 2026: पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने अब भी इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जांच कर रही है। एक और समिति बनाई जाएगी।’
1 जून को दोबारा होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने गड़बड़ियों के आरोपों के बीच तीन मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) रद्द कर दी थी। दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी।
प्रधानमंत्री से पूछे तीन सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने #SackPradhan हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘मोदी जी, देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है – जवाब दीजिए। बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? बार-बार इस ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर आप चुप क्यों हैं? बार-बार असफल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे?’
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत करते हैं। इसका मकसद छात्रों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और बेहतर मानसिक स्थिति को बढ़ावा देना है।
राहुल ने पहले भी की थी प्रधान को हटाने की मांग
शनिवार को भी गांधी ने मांग की थी कि प्रधानमंत्री तुरंत प्रधान को बर्खास्त करें या खुद जिम्मेदारी लें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस गठजोड़ ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है और 22 लाख नीट अभ्यर्थियों की मेहनत बेकार हो गई है। वीडियो बयान में गांधी ने कहा, पूरा देश जानता है कि नीट से दो दिन पहले उसका प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर बांटा जा रहा था। धर्मेंद्र प्रधान जी कहते हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। संसदीय समिति ने सिफारिशें दी थीं, लेकिन उन्होंने यह कहकर उसे कूड़ेदान में डाल दिया कि समिति में विपक्ष के लोग थे और उसका कोई फायदा नहीं था।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, सच्चाई यह है कि आपने देश की जड़ को नुकसान पहुंचाया है। यह आरएसएस, भाजपा और उनके लोगों का गठजोड़ है, जिन्हें विश्वविद्यालयों, कुलपतियों और प्रोफेसरों के पदों पर बैठाया गया है, ताकि पैसे कमाए जा सकें। उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक में शामिल सभी लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए।
प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी गड़बड़ियों को देखते हुए अगले साल से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।
