हेल्थ
नीम से ज्यादा कड़वी और फायदेमंद भी! शरीर को कर दे टनाटन, लिवर की समस्या में भी रामबाण

चिरायता आयुर्वेद की सबसे कड़वी लेकिन सबसे असरदार औषधियों में गिनी जाती है. यह औषधीय पौधा इम्युनिटी बढ़ाने, खून साफ करने और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है. रीवा में पाई जाने वाली चिरायता बुखार, वायरल संक्रमण, एनीमिया और लिवर रोगों में लाभकारी मानी जाती है. इसके एंटी-वायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन, त्वचा और जोड़ों के दर्द में भी असर दिखाते हैं. जानिए चिरायता के फायदे, उपयोग और सावधानियां आयुर्वेद विशेषज्ञों की सलाह के साथ.
कैसे करें चिरायता का सेवन, जानिए सही तरीका
चिरायता का काढ़ा, पाउडर और चिरायता पानी अलग-अलग समस्याओं में उपयोग किया जाता है. काढ़ा इम्युनिटी और बुखार में लाभकारी होता है, पाउडर पाचन और खून साफ करने में मदद करता है, जबकि चिरायता का पानी डिटॉक्स के लिए उपयोग किया जाता है. हालांकि यह बहुत शक्तिशाली औषधि है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है. लंबे समय तक इस्तेमाल से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.
चिरायता का काढ़ा, पाउडर और चिरायता पानी अलग-अलग समस्याओं में उपयोग किया जाता है. काढ़ा इम्युनिटी और बुखार में लाभकारी होता है, पाउडर पाचन और खून साफ करने में मदद करता है, जबकि चिरायता का पानी डिटॉक्स के लिए उपयोग किया जाता है. हालांकि यह बहुत शक्तिशाली औषधि है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है. लंबे समय तक इस्तेमाल से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. crimecap news किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.




