दिल्ली

राहुल गांधी की सीट पर बवाल: आडवाणी की तस्‍वीर शेयर कर कांग्रेस ने पूछा- प्रोटोकॉल क्‍यों बदला?

गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह के बीच एक तस्वीर ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने जानबूझकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को पीछे की कतार में बिठाकर विपक्ष का अपमान किया है. पार्टी ने 2014 में लाल कृष्ण आडवाणी को मिली ‘फ्रंट रो’ वाली तस्वीर शेयर कर सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं, आखिर यह प्रोटोकॉल अब क्यों बदल गया?

नई दिल्ली.
देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन हुआ. लेकिन, इस राष्ट्रीय पर्व के जश्न के बीच सियासत भी गर्मा गई है. मुख्य समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दी गई सीट को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने जानबूझकर विपक्ष के शीर्ष नेताओं का अपमान करने के लिए प्रोटोकॉल के नियमों को तोड़ा है. विवाद तब गहरा गया जब समारोह की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें राहुल गांधी केंद्रीय मंत्रियों के पीछे वाली कतार में बैठे नजर आए. इसके जवाब में कांग्रेस ने 2014 की तस्वीरें जारी कर सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं.

कांग्रेस का आरोप है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में विपक्ष के नेताओं का सम्मान करना एक स्थापित परंपरा रही है, जिसे इस बार तोड़ा गया. कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने ‘एक्स’ पर 2014 के गणतंत्र दिवस की एक तस्वीर साझा की और वर्तमान सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. मणिक्कम टैगोर ने लिखा, यह 2014 की तस्वीर है. देखिए तब लाल कृष्ण आडवाणी जी कहां बैठे थे. अब यह प्रोटोकॉल में गड़बड़ी क्यों? क्या इसलिए कि मोदी और शाह, खरगे और राहुल गांधी का अपमान करना चाहते हैं? उन्होंने कहा, विपक्ष के नेताओं का इस तरह अपमान नहीं किया जा सकता, खासकर गणतंत्र दिवस पर.
तस्वीरों में क्या दिखा?
कांग्रेस की ओर से शेयर की गई 2014 की तस्वीर में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी आगे की पंक्‍त‍ि में सोनिया गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं. उस समय केंद्र में यूपीए की सरकार थी, लेकिन विपक्ष और वरिष्ठ नेताओं को पहली कतार में स्थान दिया गया था. वहीं, आज के समारोह की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें राहुल गांधी को पीछे की कतार में बैठे देखा जा सकता है. तस्वीर में साफ दिख रहा है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति आगे की कतार में बैठे हैं, जबकि राहुल गांधी उनके ठीक पीछे वाली लाइन में बैठे हैं. कांग्रेस का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष (LoP) का पद कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है, ऐसे में उन्हें पीछे बिठाना समझ से परे है.
rahul gandhi seat controversy
विवेक तन्खा ने भी जताई नाराजगी
इस मामले पर सिर्फ मणिक्कम टैगोर ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने भी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने भी समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए इसे सरकार की ओछी मानसिकता करार दिया. तन्खा ने कहा कि गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, यह किसी एक पार्टी का कार्यक्रम नहीं है. ऐसे में विपक्ष के नेताओं को उचित सम्मान न देना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के खिलाफ है.
क्या कहता है प्रोटोकॉल?
कांग्रेस का कहना है क‍ि प्रोटोकॉल के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है. वरीयता क्रम में उन्हें सातवें स्थान पर रखा जाता है, जो कैबिनेट मंत्रियों के समकक्ष है. कांग्रेस का तर्क है कि जब राहुल गांधी के पास कैबिनेट रैंक है, तो उन्हें मंत्रियों के पीछे क्यों बिठाया गया? पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है.
  • पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भी सीटों के आवंटन को लेकर विवाद हुआ था. तब भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कुर्सी को लेकर सवाल उठे थे. सरकार की मंशा पर सवाल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रोटोकॉल की गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा “अपमान” है. मणिक्कम टैगोर ने अपने ट्वीट में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए पूछा है कि क्या वे विपक्ष को नीचा दिखाना चाहते हैं.
  • कांग्रेस का तर्क है कि 2014 में जब भाजपा विपक्ष में थी या जब एनडीए सरकार में भी आडवाणी जी जैसे मार्गदर्शक मंडल के नेता थे, तब भी तत्कालीन सरकारों ने शिष्टाचार निभाया और उन्हें फ्रंट रो में जगह दी. आडवाणी की 2014 वाली तस्वीर को शेयर करना कांग्रेस की इसी रणनीति का हिस्सा है कि वह यह साबित कर सके कि पुरानी सरकारें राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करती थीं.
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी का भी पलटवार आया है; भाजपा प्रवक्‍ता शहजाद पूनावाला ने कहा, कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए परिवारतंत्र लोकतंत्र से ऊपर है. इसलिए आज रिपब्लिक डे प्रोग्राम में कांग्रेस को पीपल की नहीं, परिवार के बैठने की चिंता है. लोकतंत्र में कौन कहां बैठेगा, यह जनता तय करती है. अर्जुन राम मेघवाल भी वहां थे, उन्होंने अपनी ईगो को पीछे रखा. आज देश संविधान, लोकतंत्र और नियमों से चलता है.

 

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