हेल्थ
सर्दी हो या गर्मी नहाते समय रखें इन बातों का ध्यान, नहीं होंगे कभी बीमार, एक्सपर्ट से जानिए नहाने का सही तरीका

जब कोई व्यक्ति ठंढ़े पानी को शरीर पर डालता है तो इंसानों के शरीर का न्यूनतम तापमान अलग होता है. इससे पानी और शरीर दोनों के तापमान में आपस में रिएक्शन होने का डर बना रहता है. इस वजह से हार्ट की समस्या और ब्रेन हैमरेज होने का खतरा बना रहता है.
पूर्णिया
अक्सर सर्दियों में लोग स्नान करने के लिए सीधे बाथरूम में जाते हैं तो वह नल खोलकर पानी बाल्टी में भरते हैं और मग से पानी सीधे सिर पर डाल लेते हैं. लेकिन नहाने का यह तरीका बेहद ही गलत है. अगर नहाते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो आप हमेशा निरोग रहेंगे.
सिर के ऊपरी हिस्सों में सीधा पानी डाल
नहाना इंसानों की दैनिक कार्यों में से एक है. जो लोग नियमित स्नान करते हैं अक्सर वो लोग स्वस्थ होते है. ऐसा देखा जाता है कि स्नान करने के बाद लोगों को अच्छा महसूस होता है. हालांकि, भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग नहाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं देते है. ऐसे में अक्सर आपने देखा होगा कि जब लोग नहाने जाते हैं तो सीधा बाथरूम जाकर बाल्टी से पानी निकालते हैं और सिर के ऊपरी हिस्सों में सीधा पानी डाल कर नहाने लगते जो की बिल्कुल गलत है.
नहाना इंसानों की दैनिक कार्यों में से एक है. जो लोग नियमित स्नान करते हैं अक्सर वो लोग स्वस्थ होते है. ऐसा देखा जाता है कि स्नान करने के बाद लोगों को अच्छा महसूस होता है. हालांकि, भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग नहाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं देते है. ऐसे में अक्सर आपने देखा होगा कि जब लोग नहाने जाते हैं तो सीधा बाथरूम जाकर बाल्टी से पानी निकालते हैं और सिर के ऊपरी हिस्सों में सीधा पानी डाल कर नहाने लगते जो की बिल्कुल गलत है.
शास्त्रों के मुताबिक कैसे नहाना चाहिए
इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर नंदकुमार मंडल ने न्यूज 18 लोकल टीम से बात करते हुए बताया कि हमारी नित्य क्रिया में नहाना शामिल है, जिसके बाद लोगों का मन फ्रेश होता है. उन्होंने कहा की शास्त्रों के मुताबिक नहाने के लिए पानी में सबसे पहले दोनों बांह गिला करें और उसके बाद आप धीरे-धीरे घुटनों पर पानी डालें. फिर कमर से लेकर आगे के तरफ डालते रहे और धीरे-धीरे आप नीचे से ऊपर कंधे की तरफ बढ़ते जाएं और आखिरी में सिर के उपरी हिस्सों पर पानी डालें. उन्होंने कहा कि कई व्यक्ति सीधा सिर पर पानी डालते हैं, जो बिल्कुल गलत है.
इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर नंदकुमार मंडल ने न्यूज 18 लोकल टीम से बात करते हुए बताया कि हमारी नित्य क्रिया में नहाना शामिल है, जिसके बाद लोगों का मन फ्रेश होता है. उन्होंने कहा की शास्त्रों के मुताबिक नहाने के लिए पानी में सबसे पहले दोनों बांह गिला करें और उसके बाद आप धीरे-धीरे घुटनों पर पानी डालें. फिर कमर से लेकर आगे के तरफ डालते रहे और धीरे-धीरे आप नीचे से ऊपर कंधे की तरफ बढ़ते जाएं और आखिरी में सिर के उपरी हिस्सों पर पानी डालें. उन्होंने कहा कि कई व्यक्ति सीधा सिर पर पानी डालते हैं, जो बिल्कुल गलत है.
हार्ट की समस्या और ब्रेन हैमरेज होने का खतरा
हालांकि, उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति ठंढ़े पानी को शरीर पर डालता है तो इंसानों के शरीर का न्यूनतम तापमान अलग होता है. इससे पानी और शरीर दोनों के तापमान में आपस में रिएक्शन होने का डर बना रहता है. इस वजह से हार्ट की समस्या और ब्रेन हैमरेज होने का खतरा बना रहता है. यही कारण है कि नहाते समय इन सब बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति ठंढ़े पानी को शरीर पर डालता है तो इंसानों के शरीर का न्यूनतम तापमान अलग होता है. इससे पानी और शरीर दोनों के तापमान में आपस में रिएक्शन होने का डर बना रहता है. इस वजह से हार्ट की समस्या और ब्रेन हैमरेज होने का खतरा बना रहता है. यही कारण है कि नहाते समय इन सब बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है.
सर्दी हो या गर्मी नहाने से पहले और बाद क्या करें
आयुर्वेदाचार्य नंद कुमार मंडल बताते हैं कि नहाने से पहले लोगों को लंबी और गहरी सांस लेना चाहिए. लंबी और गहरी सांस लेने से हमारे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है और शरीर किसी भी तापमान को एडजस्ट करने के लिए तैयार रहता है. नहाने से पहले गहरी सांस लेना बहुत जरूरी होता है. साथ ही, उन्होंने कहा किसी व्यक्ति को जौंडिस यानी पीलिया हो तो उस व्यक्ति को नहाने से आधा घंटा या एक घंटा पहले पेशाब को रोक कर रखना चाहिए तब स्नान करना चाहिए और नहाने के बाद आप पेशाब करना चाहिए. उससे आपके शरीर से लिवर की गर्मी और शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते है. वहीं, शरीर का तापमान भी बेहतर होता है.
आयुर्वेदाचार्य नंद कुमार मंडल बताते हैं कि नहाने से पहले लोगों को लंबी और गहरी सांस लेना चाहिए. लंबी और गहरी सांस लेने से हमारे शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता है और शरीर किसी भी तापमान को एडजस्ट करने के लिए तैयार रहता है. नहाने से पहले गहरी सांस लेना बहुत जरूरी होता है. साथ ही, उन्होंने कहा किसी व्यक्ति को जौंडिस यानी पीलिया हो तो उस व्यक्ति को नहाने से आधा घंटा या एक घंटा पहले पेशाब को रोक कर रखना चाहिए तब स्नान करना चाहिए और नहाने के बाद आप पेशाब करना चाहिए. उससे आपके शरीर से लिवर की गर्मी और शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते है. वहीं, शरीर का तापमान भी बेहतर होता है.
इस नियम से जॉन्डिस जैसी बीमारी में भी लाभ मिलेगा. जबकि उन्होंने बताया कि गर्म पानी के स्नान करने से लाभकारी बैक्टीरिया मर जाते हैं. जिससे लोगों का इम्यून सिस्टम और त्वचा संबंधी कई समस्याएं होने लगती है. ऐसे में जब इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए नॉर्मल पानी से स्नान करें. ज्यादा गर्म पानी से स्नान बिल्कुल भी ना करें. इससे ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा बना रहता है.




