एनसीपी संस्थापक शरद पवार का बड़ा बयान सामने आया है। नवी मुंबई के वाशी में आयोजित सामाजिक ऐक्य परिषद के मौके पर शरद पवार ने मणिपुर में हुई घटनाओं की तरह महाराष्ट्र में भी अशांति की आशंका जताई है। उन्होंने मणिपुर की घटनाओं पर जोर दिया, जहां एक समय में एकजुट रहे कूकी-मैतेई समुदाय अब अराजकता और हिंसा पर उतर आए हैं।
शरद पवार ने मणिपुर के हालात की गंभीरता का जिक्र करते हुए अपनी चिंता जाहिर की, जहां दो समुदायों के बीच आपसी विवाद की वजह से महीनों से हिंसा हो रही है। इसकी वजह से कई घर तबाह कर दिए गए, महिलाओं को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा जबकि दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कार्यक्रम को दौरान कहा कि एक समय मणिपुर में जहां दो समुदाय आपस में रहते थे, वे अब आपस में बातचीत को भी तैयार नहीं हैं।
महाराष्ट्र में भी मणिपुर जैसे हालात हो सकते है
NCP संस्थापक शरद पवार का कहना है, आज जो कुछ हुआ, उसके बाद उन्होंने कभी नहीं सोचा कि देश के प्रधानमंत्री को वहां जाकर लोगों को राहत देनी चाहिए। मणिपुर में ऐसा हुआ। पड़ोसी राज्यों में भी ऐसा हुआ। कर्नाटक में भी ऐसा ही देखा गया और हाल के दिनों में चिंता है कि महाराष्ट्र में भी ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा, अच्छी बात है कि महाराष्ट्र के पास कई दिग्गजों की विरासत है जिन्होंने सद्भाव और समानता की दिशा दी।
