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सीमा हैदर -अन्जु : भारत-पाक में इंटरनेट की लव स्टोरी, ‘अंडर कवर ऑपरेशन’ से ध्यान हटाने का संदेह

अधिकारी का कहना है कि ऐसा भी संभव हो सकता है कि भारत-पाक में इंटरनेट की लव स्टोरी के पीछे किसी बड़े ‘अंडर कवर ऑपरेशन’ से ध्यान हटाने के लिए दो किरदारों को ‘माता हारी’ बनाकर पेश किया गया हो।

भारत और पाकिस्तान, इन दोनों मुल्कों में लगभग एक जैसी ‘लव स्टोरी’ चल रही है। वो भी ‘इंटरनेट’ की लव स्टोरी। मीडिया ने भी इन दोनों महिला किरदारों की स्टोरी को भरपूर कवरेज दी है। बाहरी मामले देखने वाली खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी, जो मौजूदा समय में एक विशेष डेस्क देख रहे हैं, ने इस बाबत कई तरह के संदेह जाहिर किए हैं।

अधिकारी का कहना है कि दोनों देशों में एक जैसा लव एंगल, दो महिला किरदार, अपने टास्क तक पहुंचने की मशक्कत और जांच एजेंसियों की पूछताछ, क्या ऐसा नहीं लगता कि ये बातें किसी न किसी छोर पर मिलती हुई नजर आती हैं। कुछ ऐसा भी संभव हो सकता है कि भारत-पाक में इंटरनेट की लव स्टोरी के पीछे किसी बड़े ‘अंडर कवर ऑपरेशन’ से ध्यान हटाने के लिए दो किरदारों को ‘माता हारी’ बनाकर पेश किया गया हो।

दोनों महिलाओं को लेकर खूब हुआ मीडिया ट्रायल 
यहां पर शक करना इसलिए भी लाजमी है कि दोनों मामलों में बहुत सी समानताएं हैं। सीमा हैदर भी अपने चार बच्चों को लेकर अवैध तरीके से भारत आ जाती है। अंजू अपने बच्चों को छोड़कर पाकिस्तान चली जाती है। ठीक है, उसके पास वीजा था, लेकिन राजस्थान से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा जैसे अशांत प्रांत तक पहुंचना भी आसान नहीं था। अधिकारी के मुताबिक, इस कहानी में वह कितनी आसानी से और सुरक्षित वहां तक पहुंच गई। लिहाजा ये मेरे डेस्क से जुड़ा मामला नहीं है, इसलिए इस मामले में जो संभावनाएं नजर आती हैं, वहीं बता रहा हूं, अधिकारी ने संवाद रोक कर ये बात कह डाली।

पाकिस्तान में डकैतों द्वारा यह धमकी दी जाती है कि सीमा हैदर को वापस नहीं भेजा तो हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर हमला होगा। कुछ हमलों को अंजाम दिया गया, मगर जैसे ही भारत की अंजू खैबर पख्तूनख्वा पहुंची तो डकैत भी शांत हो गए। अंजू और सीमा हैदर को लेकर खूब मीडिया ट्रायल हुआ, हालांकि इस मामले में भारतीय मीडिया कही आगे रहा। दोनों ही महिलाओं को पहले गिरफ्तार किया जाता है। सीमा हैदर, जमानत पर बाहर आती है तो वहीं अंजू को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता है। सीमा से यूपी एटीएस और सेंट्रल एजेंसियां पूछताछ करती हैं। दोनों ही महिलाएं कई बार अपने खुद के बयान से ही मुकर चुकी हैं।

कौन थी वो ‘माता हारी’, जो गोलियों से हुई छलनी
सीमा हैदर और अंजू की कहानी, ‘माता हारी’ से मिलती जुलती है। पांचवीं कक्षा तक पढ़ी सीमा के पास कई मोबाइल फोन और सिमकार्ड मिले हैं। वह बहुत सभ्य तरीके से बात करती है। मीडिया से तो ऐसे बात करती है, जैसे उसके पास लंबा अनुभव हो। बखूबी हिंदी बोलती है। अंग्रेजी के भी कई शब्द जानती है। उसे भारत में ‘मोहब्बत’ की समझ है। भारतीय परिधान, परंपराएं और तीज त्योहार, उसे अच्छे से मालूम हैं। अंजू ने भी पाकिस्तान पहुंचते ही वहां की कई परंपराएं अपना लीं। ये सब बातें संदेश पैदा करने वाली हैं। अब बात आती है ‘मार्गरेट गीर्तोईदा जेले’ उर्फ ‘माता हारी’ की। 1876 में नीदरलैंड में जन्मी माता हारी, बचपन में ही पेरिस में आ गई थी। वह एक शानदार डांसर भी थी। सेना के बड़े अधिकारी उसके कायल हुआ करते थे। जब राज खुला तो मालूम चला कि ‘माता हारी’ एक जासूस है। कोई छोटी मोटी नहीं, बल्कि बेहद खतरनाक जासूस। इंटेलिजेंस नेटवर्क में घुसने वाली अदाकारा। फ्रांस ने प्रथम विश्व युद्ध में उसके बलबूते जर्मन आर्मी के कई राज हासिल कर लिए थे। यह भी कहा जाता है कि उसने जर्मनी को भी कुछ जानकारी दे दी। नतीजा, फ्रांस में माता हारी को गोलियों से छलनी कर दिया गया।

क्या ‘अंडर कवर ऑपरेशन’ से ध्यान हटाना है … 

दोनों मुल्कों की एजेंसियों के ‘अंडर कवर ऑपरेशन’ चलते रहते हैं। पाकिस्तान, आतंकवाद को पनाह ही नहीं देता, बल्कि उसका जनक भी है। आतंकियों की ट्रेनिंग से लेकर उन्हें भारतीय सीमा में भेजने तक, ये सब काम आईएसआई करती है। हर एजेंसी का अपना एक ‘रुचि’ का क्षेत्र होता है। खैबर पख्तूनख्वा में ऐसी खबरें सुनने को मिलती हैं कि वहां लोगों पर आर्मी व दूसरे समूह अत्याचार करते हैं। इन दोनों महिला किरदारों की टाइमिंग भी एक जैसी है। संभव है कि कोई बड़ा ऑपरेशन प्लान किया गया हो और उसकी भनक दूसरे देश को लग गई हो। ऐसे में दोनों मुल्कों द्वारा कुछ समय तक ‘सीमा हैदर और अंजू’ को सामने कर दिया गया हो।

यह मामला, दोनों ही मुल्कों में लोगों का खूब ध्यान आकर्षित कर रहा है। बलूच में ऑपरेशन चलते ही रहते हैं। संभव है कि दोनों ‘माता हारी’ का भेद कहीं खुल गया हो। पांचवीं पास सीमा हैदर पहले दुबई जाती है, वहां से नेपाल आती है और उसके बाद भारत में प्रवेश करती है। क्या यह प्रक्रिया इतनी आसान है। इसके पीछे की कहानी समझें। खर्च किसने वहन किया और उसे ग्रीन कॉरिडोर किसने मुहैया कराया। नेपाल में भी अपने पति सचिन के साथ कई दिनों तक मौज मस्ती करती रही। वहां तो रॉ भी है और आईएसआई भी सक्रिय रहती है। अंजू, को पाकिस्तान का वीजा मिल जाता है।

ग्रीन कॉरिडोर, सिक्योरिटी और खर्च के पीछे कौन 

भारत के राजस्थान से पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा में पहुंची अंजू को कहीं कोई दिक्कत नहीं आती। मीडिया में खबर आई कि उसने धर्म बदल लिया है। इस्लाम धर्म के नाते उसका नाम अंजू से फातिमा हो गया है। पाकिस्तानी पुलिस कहती है कि दोनों ने शादी कर ली है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान ने उसके वीजा की अवधि नहीं बढ़ाई है। पुलिस कहती है कि उसे तय अवधि के बाद भारत लौटना होगा। अंजू के पिता कहते है कि वह हमारे लिए मर गई है। वह पाकिस्तान में नसरुल्लाह के घर दीर बाला में रह रही है। उसे बिना किसी खतरे के पुलिस की हैवी सिक्योरिटी मिली है। उसके फोटो और वीडियो शूट किए जा रहे हैं। कभी यह खबर आती है कि उसने शादी कर ली है।

कभी वह खुद मीडिया को फोन पर बताती है कि अभी तो सगाई हुई है। निकाह के लिए दोबारा से पाकिस्तान आएगी। अंजू यह भी कहती है कि वह फातिमा नहीं बनी है। क्या पाकिस्तान ने सीमा हैदर का बदला लेने के लिए अंजू को इस्लाम अपनाने पर मजबूर किया है, ऐसी खबरें भी देखने को मिली हैं। इस बीच ‘अंजू वेड्स नसरुल्ला’ इस टाइटल से एक वीडियो वायरल होता है। यह वीडियो बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से और ड्रोन द्वारा शूट किया गया है। हक मेहर के रूप में 10 तोला सोना रखने की बात आती है। ये सब कैसे और कौन मैनेज कर रहा है। व्यवसायी मोहसिन खान अब्बासी ने अंजू को दस मरला जमीन और पचास हजार रुपये, बतौर तोहफा दे दिए।

तो मतलब दोनों ‘माता हारी’ सुरक्षित बच निकली … 

सीमा हैदर और अंजू का कोई मिशन था, तो वे अब सुरक्षित बच निकली हैं। अगर वे ‘माता हारी’ हैं तो मतलब दोनों देशों की एजेंसियां सक्रिय हैं। दोनों किरदारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इन्हें वहां की नागरिकता कैसे मिलती है, यदि ये प्रेम कहानी की किरदार हैं तो। अभी तो यही कहा जा रहा है कि दोनों महिलाओं को अपने अपने देश वापस लौटना होगा। सीमा हैदर तो अवैध तरीके से ही भारत में रह रही है। पाकिस्तान का कानून कहता है कि वहां जन्मे व्यक्ति के बच्चों को ही नागरिकता मिल सकती है। निकाह के जरिए पाकिस्तान में स्थायी तौर पर बसना आसान नहीं है। इस तरह की शादी में लॉन्ग टर्म वीजा ही इस्तेमाल होता है। भारत की नागरिकता के लिए भी यहां पर जन्म लेना चाहिए। शरणार्थियों के लिए अलग नियम हैं। लॉन्ग टर्म वीजा आसान नहीं है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश व श्रीलंका से आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए नागरिकता संशोधन कानून (सीएएए) प्रस्तावित है। इसके लिए जिन धर्मों के लोगों को शामिल किया गया है, उसमें ‘इस्लाम’ नहीं है। ऐसी परिस्थतियों में अंजू और सीमा हैदर के लिए अगस्त का महीना बहुत अहम है। देखने वाली बात होगी कि ये दोनों महिलाएं, अपने अपने मुल्क वापस आती हैं या नहीं।

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