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ओडिशा ट्रेन हादसे की सच्चाई बाहर आने से रोक रहा केंद्र:ममता बनर्जी

कोलकाता

ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार सच्चाई को दबा नहीं पाएंगी। मैं चाहती हूं कि सच्चाई सामने आए। दुर्घटना में घायल और मारे गए लोगों के परिवार के सदस्य भी दुर्घटना का कारण जानना चाहते हैं।

ओडिशा के बालासोर में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे को पांच दिन बीत जाने के बाद कई ऐसे सवाल हैं, जिन्हें लगातार विपक्ष केंद्र सरकार से पूछ रहा है। इस मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा शासित केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना के कारणों को दबाने की कोशिश की जा रही है। आगे सीएम बनर्जी ने दावा किया कि सीबीआई ट्रिपल ट्रेन हादसे की जांच के लिए लगी हुई है लेकिन इसके सबूत पहले ही हटा दिए गए।

दुर्घटना में मारे गए और घायलों के परिजनों को सौंपे चेक
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस घटना में पश्चिम बंगाल के 103 लोग मारे गए और उनमें से अब तक 86 की पहचान की जा सकी है। साथ ही बोलीं कि 172 को गंभीर चोटें आईं हैं जबकि 635 को मामूली चोटें आईं। सीएम ममता ओडिशा के बालासोर जिले में हुई दुर्घटना में मारे गए और घायल हुए बंगाल के निवासियों के परिजनों को चेक और नियुक्ति पत्र सौंपने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रही थीं।

सीबीआई छापेमारी पर बोला हमला
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र ने सीबीआई को बंगाल में 14-16 नगरपालिकाओं में भेजा है जबकि बालासोर दुर्घटना के कारणों को दबाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने बंगाल में नगरपालिकाओं में विभिन्न भर्तियों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बुधवार को पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापेमारी की।

भाजपा सरकार सच्चाई को दबा नहीं पाएंगी
आगे ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार सच्चाई को दबा नहीं पाएंगी। मैं चाहती हूं कि सच्चाई सामने आए। दुर्घटना में घायल और मारे गए लोगों के परिवार के सदस्य भी दुर्घटना का कारण जानना चाहते हैं। इसके पीछे के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। आगे बोलीं कि मैंने पिछले कुछ दिनों में कटक और भुवनेश्वर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे घायल ट्रेन दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए दो बार ओडिशा का दौरा किया है।

घटना के बाद ट्रैक भी सुधार दिया गया है और ट्रेनों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। लेकिन अभी भी घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटती है। लोग मोबाइल कैमरों से लैस होकर दुर्घटना में शामिल ट्रेनों के क्षतिग्रस्त अवशेषों को देखने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इस दौरान पुलिस भी उन लोगों को हटाती नजर आती है।