सरकारी एम्बुलेंस की मदद से मृतक के पार्थिक शरीर को बजाग जनपद क्षेत्र के ग्राम पथरकूचा तक लाया गया। लेकिन नर्मदा नदी में ट्यूब के सहारे परिजन लेकर पहुंचे और मृतक का अंतिम संस्कार किया।
दरअसल डिंडोरी के जिला चिकित्सालय से मृतक घोषित व्यक्ति को सरकारी एम्बुलेंस की मदद से गांव तक भेजा गया था। लेकिन एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने नदी पर बारिश के चलते बाढ़ आ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डाल शव को गांव लेकर पहुंचे। और बाद में मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सका।
दरअसल डिंडोरी के जिला चिकित्सालय से मृतक घोषित व्यक्ति को सरकारी एम्बुलेंस की मदद से गांव तक भेजा गया था। लेकिन एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने नदी पर बारिश के चलते बाढ़ आ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डाल शव को गांव लेकर पहुंचे। और बाद में मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सका।
वहीं जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान रविवार को दोपहर उसने दम तोड़ दिया। सरकारी एम्बुलेंस की मदद से मृतक के पार्थिक शरीर को बजाग जनपद क्षेत्र के ग्राम पथरकूचा तक लाया गया। लेकिन नर्मदा नदी में ट्यूब के सहारे परिजन लेकर पहुंचे और अंतिम संस्कार किया।
बता दें कि ग्रामीणों ने इसके बाद मांग करते हुए कहा कि हर बारिश में ऐसे हालात बनते है जिसके चलते ग्रामीणों को इलाज सहित दूसरी आवश्यकता के लिए एक मात्र मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यहां पुल बनाया जाए ताकि आगामी समय में ऐसी परेशानियों का सामना ग्रामीणों को न करना पड़े।
वहीं इससे पहले एमपी के बैतूल जिले से भी ऐसा ही एक दृश्य सामने आया था। जिले के जामुन ढाणा गांव के रूपेश टेकाम की गर्भवती पत्नी मयंती टेकाम को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।इसके चलते मयंती दर्द से तड़पने लगी। जिसके बाद रूपेश ने गांव के लोगों से मदद मांगी। और ग्रामीणों ने गर्भवती पत्नी को खाट पर लिटाकर नदी पार की और उसे डॉक्टर के पास पहुंचाया।
