हेल्थ

लिवर के लिए कितनी खतरनाक दर्द की ये दवा? अब सरकार ने लगा दी रोक, डॉक्टर से जान लें निमेसुलाइड के साइड-इफैक्ट्स

हाल ही में केंद्र सरकार ने निमेसुलाइड की 100 एमजी से ज्यादा की हाई डोज पर प्रतिबंध लगाया है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की अध‍िसूचना में कहा गया है क‍ि इससे लिवर को गंभीर नुकसान हो सकता है, वहीं डॉक्‍टरों का कहना है क‍ि इस दवा से किडनी और पेट को भी खतरा है. साथ ही बच्‍चों के ल‍िए इस दवा पर पाबंदी लगाई गई है.

 

Nimesulide Ban: केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर को दर्द और बुखार की दवा निमेसुलाइड की हाई डोज पर प्रतिबंध लगा दिया है. अब से निमेसुलाइड की 100 एमजी से ज्यादा की ओरल ड्रग की मैन्यूफैक्चरिंग, बिक्री और वितरण को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.यह दवा शरीर को कई ऐसे गंभीर नुकसान पहुंचा रही थी, जिसकी भरपाई करना मुश्किल था. स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना में बताया गया कि एंटी इन्फ्लेमेटरी दवा निमेसुलाइड को लेकर कई बार चिंता जताई गई है कि यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाने के अलावा कई अन्य साइड इफैक्ट भी कर सकती है.
इस बारे में फेलिक्स अस्पताल के एमडी डॉ. डी के गुप्ता बताते हैं कि निमेसुलाइड एक पेनकिलर कम एंटी इन्फ्लेमेटरी ड्रग है, यह दवा बच्चों के लिए पहले से ही बैन थी और 12 साल के ऊपर के मरीजों को ही प्रिस्क्राइब की जा सकती थी. हालांकि इसकी हाई डोज इंसानों के लिए खतरनाक हो सकती है. यह दवा शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है, जिनमें से लिवर और किडनी प्रमुख हैं. इसीलिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि इसे बिना डॉक्टरी सलाह के न लें, वहीं डॉक्टर भी अगर इसे प्रिस्क्राइब करते हैं तो उसकी मात्रा 100 एमजी से कम ही हो, इसका ध्यान रखें.
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि निमेसुलाइड की हाई डोज लंबे समय तक लेने से कई नुकसान हो सकते हैं, जिनमें से लिवर का नुकसान प्रमुख है. इस दवा से लिवर को सबसे बड़ा खतरा हो सकता है. इससे लिवर में एंजाइम बढ़ सकता है. इससे आंख और त्वचा का पीला होना यानि पीलिया, भूख न लगना, उल्टी-कमजोरी, और गंभीर मामलों में एक्यूट लिवर फेल्योर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यह दवा बच्चों के लिए नहीं है.
इस दवा का दूसरा साइड इफैक्ट पेट की हेल्थ पर पड़ता है. इससे कई पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, उल्टी-दस्त, पेट में जलन और कभी-कभी पेट से खून (GI Bleeding) आने की शिकायत हो सकती है.
क‍िडनी पर भी डालती है खराब असर 
डॉ. गुप्ता कहते हैं कि इसके साथ ही यह किडनी पर भी खराब असर डालती है. इस दवा को लेने वाले व्यक्ति को पेशाब कम होने की दिक्कत हो सकती है, पैर या चेहरे पर सूजन हो सकती है और पहले से किडनी की समस्याओं से जूझ रहे जोगों को किडनी फेल्योर का खतरा भी पैदा हो सकता है. यही वजह है कि सरकार ने इसकी हाई डोज पर रोक लगा दी है.

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