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Exclusive : मैं चाहता हूं कि बड़े स्टार्स हॉरर फिल्म करने का साहस दिखाए- इमरान हाशमी

एक अंतराल के बाद अभिनेता इमरान हाशमी अपने पसंदीदा जॉनर हॉरर में फ़िल्म डिबुक द कर्स इज रियल से वापसी कर रहे हैं. उनकी यह फ़िल्म ओटीटी प्लेटफार्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी. इस फ़िल्म, हॉरर जॉनर,उनके डर सहित कई अन्य पहलुओं पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत…

एक अंतराल के बाद अभिनेता इमरान हाशमी अपने पसंदीदा जॉनर हॉरर में फ़िल्म डिबुक द कर्स इज रियल से वापसी कर रहे हैं. उनकी यह फ़िल्म ओटीटी प्लेटफार्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी. इस फ़िल्म, हॉरर जॉनर,उनके डर सहित कई अन्य पहलुओं पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत…

डिबुक साउथ की फ़िल्म एजरा का हिंदी रिमेक है कितनी अलग यह फ़िल्म साउथ से होगी?

मैंने साउथ की फ़िल्म देखी है. जब मैंने इस फ़िल्म की स्क्रिप्ट सुनी तो यह उससे काफी अलग है. काफी कुछ इसके पुराने वर्जन से भी मिलता है लेकिन हमने हॉरर को काफी बढ़ाया है. निर्देशक जय ने छोटी-छोटी बारीकियां स्क्रिप्ट में रखी हैं और नरेटिव में भी बदलाव किए हैं. वे साउथ वाली फिल्म के भी निर्देशक थे.

फिल्म का टाइटल काफी अलग है?

यह हिब्रू का शब्द है. जिसका मतलब है भूत. अगर हम हिंदी टाइटल में जाते तो हमें आहट , सन्नाटा, भूत, कुछ तो है से काम चलाना पड़ता था जो हमें नहीं चाहिए था कुछ नयापन चाहिए था क्योंकि फिल्म हॅारर जॉनर को एक नयी ऊंचाई पर लेकर जाती है तो हमें लगा कि टाइटल में भी नई बात होनी चाहिए .

क्या डिबुक शुरुआत से ही ओटीटी के लिए थी?

नहीं, फिल्म 2019 में शुरू हुई थी. 30 प्रतिशत फ़िल्म बाकी थी तो पहला लॅाकडाउन हो गया. लॉकडाउन के बाद 30 प्रतिशत फिल्म की शूटिंग मुंबई में हुई. 70 प्रतिशत मॉरीशस में हुई है. लॉक डाउन में ओटीटी का बूम . एंटरटेनमेंट का एक और बड़ा विकल्प साबित हुआ. जिसके बाद इस फ़िल्म के निर्माता कुमार मंगत ने भी अपनी इस फ़िल्म को ओटीटी पर रिलीज करने का फैसला किया.

ओटीटी पर बॅाक्स आफिस का दबाव नहीं रहता इसलिए फैसला करना आसान होता है?

हां बॅाक्स आफिस का दबाव नहीं रहता. यह एक अलग अनुभव है. ओटीटी की यह खास बात है कि दबाव नहीं तो आप अपने क्रिएटिव में कुछ नया कर सकते हो. थिएटर की फिल्मों में मार्केट का प्रेशर नहीं होता है तो वो नया करने के बजाय वही करते रहते हैं जो चल रहा है. अपने कैरियर के शुरुआती चार पांच साल मैं खुद टाइपकास्ट हो गया था. क्योंकि तभी वैसी ही फिल्में बनती थी तो जो चल रही थी जो बिक रही थी . लोग बार बार उसी चीज़ को दोहराना चाहते थे. शुक्र है कि अभी वैसी बात नहीं है. ओटीटी के साथ लोग अलग चीजें कर रहे हैं. ओटीटी रिकवरी भी थिएटर वाली दे रहा है. डिबुक एक ऐसी फिल्म है जो आप घर पर एंजॅाय कर सकते हैं. इसके नरेटिव स्टाइल और जो स्केल है, आप घर पर देख सकते हैं. लेकिन फ़ोन नहीं टीवी पर देखिएगा.

आपकी फिल्मों में गीत संगीत अहम किरदार अदा करता है डिबुक में क्यों नहीं है

ओटीटी की वजह से यह फैसला लिया गया है. लोग थिएटर में फ़िल्म देखते हुए गाने एन्जॉय करते हैं ओटीटी में नहीं.

जब आपने राज़ 2 की थी उस वक़्त एक्टर्स हॉरर फिल्म करने से डरते थे आज अक्षय कुमार भी हॉरर फिल्म को महत्व देते हैं?

मैं थोड़ा टेढ़ा इंसान हूं मेरी सोच भी टेढ़ी रही है हमेशा से. जब लोग कहते हैं कि ये सही नहीं करना. मैं करना चाहता हूं . मैं हॉरर जॉनर को दर्शक के तौर पर बचपन से एन्जॉय करता रहा हूं तो उसे क्यों नहीं करता. जब राज़ 2 आफर हुई तो मैंने तुरंत हां कह दिया. आज हॉरर कॉमेडी जॉनर पॉपुलर हुआ है लेकिन मैं चाहता हूं कि प्योर हॉरर जॉनर ज़्यादा एक्सप्लोर हो. बड़े स्टार्स इस जॉनर से जुड़े ताकि बजट बढ़े और हम भी हॉलीवुड क्वालिटी वाली हॉरर फिल्में दर्शकों को दे सकें.

निजी जिंदगी में कभी भूत से सामना हुआ है?

मैंने भूत को देखा तो नहीं है लेकिन बचपन में अपनी मां के साथ चर्च गया था. उस वक़्त मैं आठ साल का था. चर्च बन्द था क्योंकि किसी के शरीर से आत्मा को निकालने का प्रोसेस चल रहा था. उस वक़्त जो मैंने वो आवाज सुनी थी वो मैं अब तक नहीं भुला हूं.

निजी जिंदगी में कोई डर जो आप जीतना चाहते हैं?

स्काई डाइविंग करना चाहता हूं. मुझे ऊंचाई का इतना डर नहीं है बल्कि ये डर है कि पैराशूट नहीं खुला तो.

निजी जिंदगी का कोई ऐसा अनुभव जिसमें भूत नहीं है लेकिन डर उतना ही रहता है?

जब फिल्म बुरी बनती है तो वह अनुभव भी किसी भूत देख लेने जैसा डरावना होता है. फ़िल्म साइन करते हुए आपको लगता है कि ये तो मास्टरपीस होगी. मेरे करियर को एक अलग लेवल पर ले जाएगी लेकिन जब थिएटर में आप अपनी उसी फ़िल्म की स्क्रीनिंग देखते हैं तो पंद्रह मिनट में आपको समझ आ जाता है कि ये तो बहुत बुरी है. अपने कैरियर की शुरुआती दौर में ऐसी कई फिल्मों का हिस्सा रहा हूं.

आपका बेटा हॅारर फिल्म को कितना पसंद करता है?

मैं थोड़ा पागल था आठ साल की उम्र से हॅारर फिल्म देख रहा हूं. मेरा बेटा थोड़ा डरता था. उसने मेरे साथ हॉरर फिल्म क्रीचर देखी थी. जिसके बाद वो थोड़ा डर गया था. इस वजह से मैं उसको हॉरर फिल्मों से दूर रखता हूं.

आप प्रोड्यूसर बन चुके हैं क्या निर्देशन की भी प्लानिंग है?

फिलहाल सिर्फ एक्टिंग पर मेरा फोकस है. निर्देशन के लिए अनुशासन चाहिए। उसके लिए मुझे एक्टिंग से ब्रेक लेना होगा. अभी एक निर्माता के तौर पर ओटीटी को एक्सप्लोर ज़्यादा से ज़्यादा करूंगा.

आपकी निजी जिंदगी में कोई कंट्रोवर्सी नहीं रही है? क्या प्लानिंग के तहत आपने ऐसा किया है?

मेरी कोई प्लानिंग नहीं रही है. मैंने कभी कोशिश नहीं किया कि हीरो बनना है, या मेरी ये इमेज होनी चाहिए. मैंने कभी पीआर नहीं रखा. बस मैंने हमेशा से पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखा है. मैं जब फिल्मे नहीं करता को मैं फिल्मों और फिल्मी लोगों से दूर रहता हूं. मेरी जो जिंदगी फिल्मों से दूर है वो मुझे बहुत पसंद है . उसमें मुझे फिल्मों की दखलंदाजी नहीं चाहिए. दोस्त है परिवार है उनका दूर दूर तक इंडस्ट्री से नाता नहीं है और मैं ऐसे ही इसे रखना चाहता हूं. यही मुझे जमीन से जुड़ा हुआ रखता है और विवादों से दूर भी.

टाइगर 3 की शूटिंग खत्म हो गयी, क्या नया लुक उस फिल्म के लिए हैं?

( मुस्कुराते हुए)आपको किसने कहा कि मैं वो फिल्म कर रहा हूं. मैं खुद के लिए बॅाडी बना रहा हूं. मेरे आगामी प्रोजेक्ट्स की घोषणा मैं जल्द ही करूंगा.

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