गोल्ड कोस्ट
भारतीय टी-20 कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में मिली करीबी हार के बाद महिलाओं की इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की जरूरत पर जोर दिया है। यहां तक कि वनडे सीरीज में भी भारतीय टीम करीबी मुकाबलों में हार गई थी। हरमनप्रीत ने मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘अगर आप देखो कि तहलिया मैकग्रा ने आज किस तरह से बल्लेबाजी की, हम देख सकते हैं कि उन्हें महिला बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) जैसे टूर्नामेंट से कॉन्फिडेन्स मिल रहा है। वह इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हैं।’
उन्होंने कहा, ‘वह ज्यादा इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेली है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने से पहले उसने कई मैच (डब्ल्यूबीबीएल) खेले। हमारे पास कुछ युवा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टॉप लेवल पर ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, जैसे तेज गेंदबाज रेणुका सिंह। उसने घरेलू क्रिकेट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उसे इतना ज्यादा अनुभव नहीं है। अगर हमारे पास भी महिला आईपीएल होता तो घरेलू खिलाड़ियों को दबाव भरे हालात में खुद को साबित करने के काफी मौके मिले होते।’
रेणुका ने 19वें ओवर में 13 रन लुटा दिए, जिससे मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में हो गया। अनुभवी शिखा पांडे ने भी 18वें ओवर में 11 रन लुटाए थे। डब्ल्यूबीबीएल में इस सीजन में आठ भारतीय खिलाड़ी खेल रही हैं और कुछ खिलाड़ी ब्रिटेन में ‘द हंड्रेड’ में भी खेली हैं। हरमनप्रीत ने मेन्स आईपीएल का उदाहरण दिया, जिसमें युवाओं को वर्ल्ड क्रिकेट के दिग्गजों के साथ खेलने का मौका मिला। उन्होंने कहा, ‘जब हम किसी युवा प्रतिभा को खेलते देखते हैं तो उनके खेल की परिपक्वता को देख सकते हैं। वे कम से 40 से 50 मैच खेल चुके होते हैं।’
हरमनप्रीत ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम इस समय इसी वजह से पिछड़ रहे हैं। इंटरनेशनल लेवल पर खेलने से पहले अगर हमें आईपीएल जैसे घरेलू टूर्नामेंट में खेलने को मिलेगा तो हम भी निश्चित रूप से सुधार करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने से पहले उनकी खिलाड़ी डब्ल्यूबीबीएल में 20 से 30 मैच खेल चुकी होती हैं। इससे आपको अनुभव मिलता है जिससे इंटरनेशनल क्रिकेट में आपको फायदा मिलता है।’
