कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए कोरोना पीड़ति नहीं बल्कि दिल्ली की सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट ज्यादा महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र दायर कर कहा है कि वह कोरोना से मरने वालों के परिजनों को चार – चार लाख रुपया मुआवजा नहीं दे सकती है।
श्री अनवर ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को आर्थिक मदद देने के लिए नरेंद, मोदी सरकार को 16 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि केंद, की मोदी सरकार सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के अंतर्गत नए संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास के निर्माण पर 30 हजार करोड़ रुपया खर्च कर रही है लेकिन कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को आर्थिक मदद नहीं देना चाहती है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्ग और गरीब लोगों पर पड़ है। मध्यमवर्ग अब गरीब हो गया है वहीं गरीब अब अत्यंत गरीब हो चुका है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत में वृद्धि ने उनकी मुसीबतों को और बढ़ दिया है। उन्होंने कहा कि नरेंद, मोदी सरकार ने पहले कहा था कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत सरकार नहीं तय करेगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमतों के आधार पर निर्धारित होगा, लेकिन स्थिति इसके ठीक उलट है।
अब जब पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में घटती है तब भी इसका लाभ आम लोगों को नहीं दिया जाता है।श्री अनवर ने कहा कि केंद, की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। आज बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे छोटे देशों का भी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) भारत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि केंद, सरकार बड़-बड़ दावे करने की बजाए आम लोगों को राहत देने काम करे तो अच्छा होगा।
